नैला धान उपार्जन केंद्र से बेजा कब्जा हटाने की किसानों की मांग, विधायक कश्यप के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय का घेराव
टेंडर और स्वीकृति के बाद भी नहीं बनी बाउंड्रीवाल, तीन बार नोटिस देने पर भी नहीं हटा कब्जा, किसानों ने कहा “अब पर्याप्त हो चुका”
नैला धान उपार्जन केंद्र से बेजा कब्जा हटाने की किसानों की मांग, विधायक कश्यप के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय का घेराव
टेंडर और स्वीकृति के बाद भी नहीं बनी बाउंड्रीवाल, तीन बार नोटिस देने पर भी नहीं हटा कब्जा, किसानों ने कहा “अब पर्याप्त हो चुका”
जांजगीर-चांपा। नैला धान उपार्जन केंद्र से बेजा कब्जा हटाने की मांग को लेकर सोमवार की सुबह किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ब्यास कश्यप के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और वहां घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों ने बताया कि उपार्जन केंद्र में बाउंड्रीवाल और गेट निर्माण के लिए वर्ष 2023 में ही राशि स्वीकृत हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद एक साल से अधिक समय बीतने पर भी काम शुरू नहीं हुए। किसानों का आरोप था कि केंद्र के आसपास कब्जाधारियों का अतिक्रमण वर्षों से बना हुआ है, जिसके चलते धान खरीदी प्रभावित होती है। नगर पालिका द्वारा भी तीन बार नोटिस जारी किए गए, बावजूद इसके कब्जा नहीं हटाया गया। किसानों ने कहा कि प्रशासन की उदासीनता से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक बेजा कब्जा नहीं हटाया जाता, नैला धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी शुरू नहीं होने दी जाएगी। किसानों की मांग थी कि तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाकर उपार्जन केंद्र को सुरक्षित और व्यवस्थित किया जाए।
इधर एसडीएम के टीएल बैठक में व्यस्त होने पर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार किसानों से मिलने पहुंचे। किसानों ने पहले आश्वासन मानने से इनकार कर दिया। स्थिति गंभीर होती देख तहसीलदार मरावी ने मौके पर ही विधायक कश्यप की एसडीएम से फोन पर बात करवाई। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि मंगलवार को वे स्वयं सदलबल मौके पर पहुंचकर नैला उपार्जन केंद्र से अतिक्रमण हटवाएंगे।
एसडीएम की इस स्पष्ट आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और शांतिपूर्वक अपने घर लौट गए।