छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ की राज्यपाल से मुलाकात, मांगों को लेकर सकारात्मक संकेत
नौ माह से जारी संघ के छह सूत्रीय आंदोलन का मुद्दा राजभवन पहुंचा, मांगों को बताया गया न्यायोचित
रायपुर : छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजनों की सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ के प्रदेश सचिव माला पाण्डेय के नेतृत्व में दिव्यांग प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल श्री रमेन डेका से राजभवन में मुलाकात की। यह मुलाकात संघ की ओर से 26 दिसंबर को दिए गए अनुमति आवेदन पर राजभवन द्वारा संवेदनशीलता दिखाते हुए 2 जनवरी की तिथि तय किए जाने के बाद संपन्न हुई।
प्रदेश सचिव माला पाण्डेय ने राज्यपाल को दिव्यांगजनों से जुड़ी छह प्रमुख मांगों से अवगत कराते हुए बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में दिव्यांगजन पेंशन अपर्याप्त है। उन्होंने पेंशन राशि को ₹5000 प्रतिमाह करने एवं बीपीएल की बाध्यता समाप्त करने की मांग रखी। इसके साथ ही शासकीय विभागों में कार्यरत फर्जी दिव्यांग कर्मियों की बर्खास्तगी, 21 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित दिव्यांग युवतियों व महिलाओं को महतारी वंदन योजना में शामिल करने, दिव्यांगजनों के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने तथा शासकीय दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में 3 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने बेरोजगार दिव्यांगजनों के लिए बिना गारंटर ऋण उपलब्ध कराने और कोरोना पूर्व लिए गए ऋण माफ करने की मांग भी प्रमुखता से सामने रखी।
संघ के सचिव माला पाण्डेय के अनुसार, राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सभी मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने प्रत्येक मांग को उचित मानते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और संबंधित विभागों के सचिवों को तत्काल पत्र भेजने की बात कही। राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के आंदोलन के लगभग नौ महीने तक चलने की जानकारी पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए इसे भावनात्मक विषय बताया और मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया।
राज्यपाल के सकारात्मक रुख से छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ में उत्साह का माहौल रहा। संघ के पदाधिकारियों और दिव्यांगजनों ने इस चर्चा पर खुशी जाहिर करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी वर्षों पुरानी मांगें शीघ्र पूरी होंगी और राज्य के दिव्यांगजनों को वास्तविक राहत मिलेगी।