कांग्रेस विधायकों पर कानूनी कार्रवाई से गरमाई जिले की राजनीति
जैजैपुर विधायक जेल में, जांजगीर-चांपा विधायक पर FIR, पामगढ़ विधायक पर गंभीर आरोप
जांजगीर-चांपा। नए साल 2026 की शुरुआत जिले के कांग्रेस विधायकों के लिए राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों के साथ हुई है। अलग-अलग मामलों में कांग्रेस के विधायकों के नाम सामने आने से जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कहीं गिरफ्तारी, कहीं प्राथमिकी और कहीं गंभीर आरोपों ने सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जुड़े फर्जीवाड़े के एक मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है। पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है, जो 22 जनवरी तक चलने की जानकारी सामने आई है। अदालत में पेशी के दौरान उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें जेल दाखिल किया गया।
इधर जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप के खिलाफ सड़क पर चक्का जाम करने के एक पुराने मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि हुई है। यह मामला पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बताया जा रहा है।
वहीं पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंस का नाम रेत उत्खनन से जुड़े एक प्रकरण में सामने आया है। इस मामले में कथित लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिस पर जांच की प्रक्रिया चलने की बात कही जा रही है।
जैजैपुर विधायक की गिरफ्तारी के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। भाजपा नेताओं की ओर से जहां इस कार्रवाई को कानून का पालन बताया जा रहा है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सोशल मीडिया के माध्यम से जैजैपुर विधायक की गिरफ्तारी का विरोध जताया है। उन्होंने इसे कानूनी कार्रवाई के बजाय राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कदम बताया। उनका कहना है कि विपक्ष की आवाज को दबाने और जनप्रतिनिधियों को डराने के लिए पुराने मामलों को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि जिला साहू संघ, जांजगीर-चांपा के जिलाध्यक्ष और जैजैपुर विधानसभा के लोकप्रिय कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू की गिरफ्तारी, कथित “1500 करोड़ की उगाही” के मुद्दे पर जवाब न दे पाने से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने पिछड़े वर्ग को डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया और कहा कि जनता सब कुछ देख रही है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी बालेश्वर साहू के साथ खड़ी है।
उधर, विधायक बालेश्वर साहू पहले ही इन आरोपों को निराधार बता चुके हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी कानूनी लड़ाई लड़ेगी और पूरी मजबूती से अपने जनप्रतिनिधियों के साथ खड़ी रहेगी।
जिले में एक के बाद एक सामने आ रहे इन मामलों ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई