मेहनत को मिला सम्मान, धान खरीदी से बढ़ा किसान का आत्मविश्वास
पेंड्री खरीदी केंद्र में 190 क्विंटल धान विक्रय कर किसान देवीराम कश्यप ने हासिल की संतोषजनक आय
मेहनत को मिला सम्मान, धान खरीदी से बढ़ा किसान का आत्मविश्वास
पेंड्री खरीदी केंद्र में 190 क्विंटल धान विक्रय कर किसान देवीराम कश्यप ने हासिल की संतोषजनक आय
जांजगीर-चांपा। जिले के ग्राम नवापारा निवासी किसान देवीराम कश्यप के लिए यह खरीफ सीजन उपलब्धि और संतोष का प्रतीक बनकर सामने आया है। कड़ी मेहनत, धैर्य और सुनियोजित खेती के बल पर उन्होंने धान खरीदी केंद्र पेंड्री में 190 क्विंटल धान का सफल विक्रय कर अपनी मेहनत को नई पहचान दी। धान विक्रय के बाद उनके चेहरे पर झलकती खुशी और आत्मविश्वास, उनकी सफलता की कहानी खुद बयान कर रही थी।
किसान देवीराम कश्यप ने बताया कि खेती-किसानी ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है। मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत और बाजार की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। समय पर खेत की तैयारी, उन्नत बीजों का चयन और सतत देखभाल का ही परिणाम है कि इस वर्ष उनकी फसल बेहतर हुई और सम्मानजनक आय प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। पेंड्री खरीदी केंद्र में नमी परीक्षण, सटीक तौल, छाया, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था ने किसानों का भरोसा और मजबूत किया है।
धान विक्रय के लिए ऑफलाइन टोकन के साथ-साथ 24×7 उपलब्ध “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था किसानों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है। इससे न तो अनावश्यक भीड़ लग रही है और न ही लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। किसान निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचकर आसानी से अपना धान बेच पा रहे हैं।
देवीराम कश्यप ने खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब धान बेचना पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और सम्मानजनक हो गया है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रही धान खरीदी, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान ने किसानों में नया उत्साह भर दिया है।
यह कहानी न केवल एक किसान की सफलता को दर्शाती है, बल्कि जिले में लागू किसान-हितैषी नीतियों और मजबूत धान खरीदी व्यवस्था की सशक्त मिसाल भी है।