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मूल्यांकन केंद्रों में अधिनियम विरुद्ध ओपन बोर्ड परीक्षा जारी

बोर्ड अध्यक्ष-सचिव की जिम्मेदारी पर सवाल

मूल्यांकन केंद्रों में अधिनियम विरुद्ध ओपन बोर्ड परीक्षा जारी

बोर्ड अध्यक्ष-सचिव की जिम्मेदारी पर सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के बोर्ड मूल्यांकन एवं समन्वय केंद्रों में ओपन बोर्ड परीक्षा केंद्र के संचालन को लेकर अब सीधे तौर पर मंडल के अध्यक्ष और सचिव की जिम्मेदारी तय होती नजर आ रही है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक बालेश्वर साहू ने नियम 138(1) के तहत ध्यानाकर्षण सूचना प्रस्तुत कर इस पूरे मामले को सदन के समक्ष रखा।

विधायक साहू ने स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल अधिनियम पूर्णतः प्रभावशील रहता है। इस अवधि में मूल्यांकन केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश निषिद्ध है। इसके बावजूद, इन्हीं केंद्रों में ओपन बोर्ड परीक्षा केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, जिससे ओपन बोर्ड परीक्षा से जुड़े वीक्षक, शिक्षक एवं अन्य स्टाफ का मूल्यांकन केंद्रों में प्रवेश हो रहा है।

सदन में यह तथ्य रखा गया कि यह समूची प्रक्रिया मंडल के अध्यक्ष और सचिव की जानकारी में संचालित हो रही है। विधायक ने कहा कि अध्यक्ष और सचिव द्वारा इस व्यवस्था को रोका नहीं जाना अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है और नियमों की अवहेलना की श्रेणी में आता है।

ध्यानाकर्षण सूचना में यह भी उल्लेख किया गया कि ओपन बोर्ड परीक्षाएं एक वर्ष में तीन-तीन बार आयोजित की जाती हैं और इन्हीं अवधियों में कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य भी कराया जाता है। इस स्थिति में एक ही परिसर में मूल्यांकन कार्य और परीक्षा संचालन से मूल्यांकन की गोपनीयता प्रभावित हो रही है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर मंडल अध्यक्ष एवं सचिव पर आती है।

विधायक साहू ने सदन को यह भी बताया कि अधिनियम के अनुसार मूल्यांकन कार्य के दौरान केवल अधिकृत अधिकारी और कर्मचारी ही केंद्र में प्रवेश कर सकते हैं, किंतु ओपन बोर्ड से जुड़े विद्यार्थी, शिक्षक एवं स्टाफ लगातार इन केंद्रों में प्रवेश कर रहे हैं। इसके बावजूद अध्यक्ष और सचिव द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई।

सक्ती जिले के समन्वय संस्थान का उदाहरण देते हुए विधायक ने बताया कि वहां संसाधनों की भारी कमी है। पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं हैं, कई कक्ष जर्जर अवस्था में हैं, इसके बाद भी मूल्यांकन, समन्वय संस्था संचालन और ओपन बोर्ड परीक्षा केंद्र एक ही परिसर में संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में समन्वय संस्था के प्राचार्य द्वारा अध्यक्ष और सचिव को लिखित रूप से अवगत कराया गया, फिर भी ओपन बोर्ड परीक्षा केंद्र को अन्य शासकीय विद्यालय में स्थानांतरित नहीं किया गया।

सदन में यह भी रेखांकित किया गया कि प्रदेश के जिला मुख्यालयों में अनेक शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल उपलब्ध हैं, जहां ओपन बोर्ड परीक्षा केंद्र संचालित किए जा सकते हैं। इसके बावजूद अध्यक्ष और सचिव की सहमति से मूल्यांकन एवं समन्वय केंद्रों में ही परीक्षा केंद्र का संचालन जारी है।

गौरतलब है कि विधायक बालेश्वर साहू द्वारा यह विषय पूर्व में भी विधान पटल पर रखा गया था, लेकिन अध्यक्ष और सचिव स्तर पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। विधानसभा में उठे इस प्रश्न के बाद अब मंडल अध्यक्ष और सचिव की भूमिका और जिम्मेदारी पर सीधा फोकस आ गया है।

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