फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में सहायक शिक्षक सेवा से पृथक
जांच में आरोप सिद्ध होने पर जिला शिक्षा अधिकारी का सख्त आदेश, निर्धारित तिथियों पर उपस्थित न होने को भी माना गया गंभीर लापरवाही
राजनांदगांव। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, राजनांदगांव द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सहायक शिक्षक विकास लाटा को शासकीय सेवा से पृथक कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में आरोप सिद्ध पाए जाने के बाद की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला घोरदा, विकासखंड डोंगरगांव में पदस्थ सहायक शिक्षक के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों के आधार पर विभागीय जांच कराई गई थी। जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरण में संतोषजनक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही जिला चिकित्सालय दुर्ग में परीक्षण हेतु निर्देशित किए जाने के बावजूद वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं कर पाए।
विभागीय जांच के दौरान 21 फरवरी, 26 फरवरी एवं 2 मार्च 2026 को उपस्थित होने के अवसर प्रदान किए गए थे, किंतु संबंधित कर्मचारी अनुपस्थित रहे। इसे प्रशासन द्वारा गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।
उपलब्ध अभिलेखों, जांच प्रतिवेदन एवं आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षक को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह बघेल के डिजिटल हस्ताक्षर भी अंकित हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार की कार्रवाई विभागीय अनुशासन बनाए रखने एवं नियमों के पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।