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“माता कर्मा साहू समाज की कुलदेवी और आस्था की प्रतीक”- राजकुमार साहू

भक्त माता कर्मा जयंती पर उमड़ा श्रद्धा का सागर, ग्राम बर्रा में भक्ति और सामाजिक एकता का संगम

“माता कर्मा साहू समाज की कुलदेवी और आस्था की प्रतीक”- राजकुमार साहू

भक्त माता कर्मा जयंती पर उमड़ा श्रद्धा का सागर, ग्राम बर्रा में भक्ति और सामाजिक एकता का संगम

पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक आयोजन और समाजजनों की सहभागिता से सजी भव्य जयंती

जांजगीर-चांपा। साहू समाज द्वारा संत शिरोमणि भक्त माता कर्मा की जयंती के अवसर पर ग्राम बर्रा में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजजनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जहां श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत जांजगीर-चांपा के सभापति एवं भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष तथा प्रदेश साहू संघ व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक राजकुमार साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहू संघ परिक्षेत्र किरीत के अध्यक्ष दशरथ साहू ने की।

विशिष्ट एवं प्रमुख अतिथियों के रूप में नेहा-रामचरण साहू (जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व तह अध्यक्ष साहू संघ नवागढ़), नरेन्द्र कौशिक (भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष, जांजगीर-चांपा), सुभद्रा संतोष साहू (उपाध्यक्ष, जिला साहू संघ) तथा ग्राम पंचायत भठली के सरपंच सुमन कुमार बंजारे मंचस्थ रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भक्त माता कर्मा के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात समाज के लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजकुमार साहू ने कहा कि माता कर्मा साहू समाज की कुलदेवी एवं आराध्य हैं, जिनकी भक्ति और समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने माता कर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे 17वीं शताब्दी की महान कृष्ण भक्त थीं, जिनका जन्म राजस्थान के नागौर जिले के कालवा ग्राम में हुआ था। उनकी अटूट और निश्छल भक्ति के कारण स्वयं भगवान श्रीकृष्ण (जगन्नाथ स्वामी) उनके हाथों से बनी खिचड़ी ग्रहण करने आए थे। यह प्रसंग आज भी उनकी गहन आस्था और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

कार्यक्रम में जीवन लाल साहू, पदम साहू, मनीराम साहू, रागिनी साहू, राजेंद्र कश्यप सहित ग्राम बर्रा के अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में भक्ति, परंपरा और सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहा।

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