रेलवे सुविधाओं को लेकर नैला में बड़ा आंदोलन, अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त
आरओबी, फुट ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण सहित कई मांगों पर बनी सहमति
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में दो घंटे चली बैठक
जांजगीर-चांपा। रेलवे सुविधाओं की मांग को लेकर जांजगीर-नैला क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा आंदोलन देखने को मिला। नगर बंद के आह्वान के साथ नैला रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य चौराहे पर चक्का जाम किया गया, जिससे बलौदा, बिलासपुर और कोरबा की ओर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। चार पहिया वाहन, बसें और दोपहिया वाहनों के पहिए कई घंटे तक थमे रहे।
क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप के नेतृत्व में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, व्यापारीगण, नगरवासी और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने नैला में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), फुट ओवरब्रिज, एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव सहित अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
चक्का जाम के दौरान रेलवे अधिकारियों ने आंदोलनकारी प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन स्थित विश्राम गृह में आमंत्रित किया। शुक्रवार 6 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एडीआरएम जे. एस. मीणा, राजीव कुमार (सीपीएम गतिशक्ति), अनुराग सिंह (एसआर डीसीएम), हरीश महेंद्र (वरिष्ठ मंडल अभियंता – मध्य), ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर (एडीएम जांजगीर), सुब्रत प्रधान (एसडीएम जांजगीर), नितेश तिवारी (ईई सेतु निगम बिलासपुर) सहित विधायक ब्यास कश्यप, दिनेश शर्मा, राजेश अग्रवाल, विकास जिंदल, बांके अग्रवाल, संजय भोपालपुरिया, विकेश भोपालपुरिया और ऋषि अग्रवाल उपस्थित रहे।
बैठक में नैला लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 345 में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर चर्चा हुई, जिसमें बताया गया कि ओवरब्रिज के लिए 15 सितंबर 2026 तक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। वहीं नहरिया बाबा मंदिर के पास प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज का निर्माण भू-अर्जन प्रक्रिया पूर्ण होने के 12 माह के भीतर पूरा करने की बात कही गई।
इसके अलावा चाम्पा स्थित मिशन गेट समपार पर प्रस्तावित अंडरब्रिज निर्माण कार्य 18 माह के भीतर पूर्ण करने पर भी सहमति बनी। साउथ बिहार एक्सप्रेस और गोंडवाना एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के संबंध में रेलवे के सक्षम अधिकारी को पुनः पत्र प्रेषित करने की बात भी बैठक में कही गई।
बैठक में इन सभी विषयों पर चर्चा के बाद सहमति बनी कि कार्यों की प्रगति की प्रतिमाह जिला कार्यालय में समीक्षा की जाएगी। इसके पश्चात जिलाधीश के आग्रह पर आंदोलनकारी प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच सहमति बनते ही सर्वसम्मति से धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।