‘ऊर्जा ही ब्रह्म है’— भीमसिंह कंवर बोले, वैदिक विज्ञान से व्यापारिक दुनिया में भी सुनिश्चित की जा सकती है सफलता
सफलता के लिए सकारात्मक ऊर्जा पर करें फोकस: कंवर
‘ऊर्जा ही ब्रह्म है’— भीमसिंह कंवर बोले, वैदिक विज्ञान से व्यापारिक दुनिया में भी सुनिश्चित की जा सकती है सफलता
सफलता के लिए सकारात्मक ऊर्जा पर करें फोकस: कंवर
रायपुर/भिलाई। “ब्रह्मांड में ऊर्जा ही ऊर्जा है, और यदि हम अपनी पूरी ऊर्जा लक्ष्य पर केंद्रित कर दें, तो सफलता सुनिश्चित है।” — ये प्रेरणादायक विचार छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने “व्यापार में सफलता के लिए वैदिक ऊर्जा का मार्ग” विषय पर आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला में व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा सिविक सेंटर भिलाई स्थित कला मंदिर में किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री कंवर ने अपने संबोधन में बताया कि— “हम जो सोचते हैं, वह भी एक प्रकार की ऊर्जा होती है। यदि हम अपने विचारों को सकारात्मक रखते हुए उसे एक लक्ष्य की दिशा में केंद्रित करें, तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती।”
उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले वैदिक ऋषियों, विशेष रूप से महर्षि कणाद ने यह बताया था कि पूरा ब्रह्मांड अणुओं और परमाणुओं से बना है, और यह ऊर्जा का ही एक रूप है। उसी ज्ञान को आज आधुनिक विज्ञान भी स्वीकार करता है।
कंवर ने उदाहरण देकर समझाया कि— “आपने मन में कुछ सोचा, उसे शब्दों में व्यक्त किया, और वह ऊर्जा के रूप में ब्रह्मांड में प्रवाहित हो गई। जब आप उसे कार्यरूप में परिणत करते हैं, तब वह ऊर्जा साकार होती है। इसी तरह सूर्य की ऊर्जा से बिजली बनती है, उसी प्रकार आत्म-ऊर्जा से व्यापार और जीवन को रोशन किया जा सकता है।”
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता बिजनेस एवं एनर्जी गुरु जयंत पांडेय ने अपने सत्र में बताया कि किस प्रकार वैदिक शास्त्र— जैसे ज्योतिष, वास्तु और ध्यान— व्यापारिक निर्णयों को सुदृढ़ कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ये विधाएं आधुनिक व्यापार की प्रतिस्पर्धा में मानसिक संतुलन, सही समय पर निर्णय और ऊर्जा संरेखण में सहायक होती हैं।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य सत्रों ने भी प्रतिभागियों को आकर्षित किया।
कार्यशाला में शिक्षाविद् आई.पी. मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, वहीं पॉवर कंपनी के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल, व्यापार जगत के कई दिग्गज उद्योगपति और व्यापारी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि व्यापार में सफलता केवल पूंजी और रणनीति से नहीं, बल्कि सही ऊर्जा और वैचारिक स्पष्टता से भी प्राप्त की जा सकती है।