झूठे आश्वासनों से छल रहे शासन से नाराज़ दिव्यांगजन, 29 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास घेरने का ऐलान
6 सूत्रीय मांगों की अनदेखी से भड़का रोष, राज्योत्सव बहिष्कार की भी चेतावनी
झूठे आश्वासनों से छल रहे शासन से नाराज़ दिव्यांगजन, 29 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास घेरने का ऐलान
6 सूत्रीय मांगों की अनदेखी से भड़का रोष, राज्योत्सव बहिष्कार की भी चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिव्यांगजनों की जायज़ मांगों की लगातार अनदेखी और “वास्तविक दिव्यांगों” की जगह “फर्जी लाभार्थियों” को संरक्षित करने के आरोपों से प्रदेशभर के दिव्यांग संगठनों में उबाल है। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने 29 अक्टूबर 2025 को जयस्तंभ चौक से मुख्यमंत्री निवास तक “दिव्यांग स्वाभिमान पैदल मार्च” निकालने का ऐलान किया है, साथ ही 1 नवंबर से शुरू होने वाले राज्योत्सव के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष टोंडे ने कहा कि शासन का रवैया संवेदनहीन और पक्षपातपूर्ण है।
“दिव्यांगों को अधिकार देने की बजाय झूठे कागज़ी आश्वासन और धक्कामुक्की मिल रही है। सचिवालय से प्रस्ताव एक वर्ष से अधिक समय से दबा कर रखा गया, पर कोई निर्णय नहीं,” — टोंडे ने कहा।
सरकार पर गंभीर आरोप:
संघ का आरोप है कि फर्जी दिव्यांगों को सरकारी लाभ,
असली दिव्यांगों को सिर्फ़ बयानबाज़ी और टालमटोल,
धरना स्थल खाली कराने का दबाव और दिव्यांगों की आवाज़ दबाने की कोशिशें हो रही हैं।
मांगें जिन्हें महीनों से दरकिनार किया जा रहा
संघ की 6 सूत्रीय मांगें —
* फर्जी दिव्यांगों का राज्य मेडिकल बोर्ड से पुनः परीक्षण व तत्काल बर्खास्तगी।
* 500 रु की तुच्छ पेंशन को 5000 रु मासिक किया जाए और BPL बाध्यता खत्म हो।
* दिव्यांग कोटे के बैकलॉग पदों पर विशेष भर्ती अभियान।
* 21+ अविवाहित दिव्यांग युवतियों को महतारी वंदन योजना में शामिल किया जाए।
* 2016 से लंबित 3% पदोन्नति आरक्षण को लागू करते हुए परिपत्र जारी हो।
* फर्जी लाभार्थियों से निगम ऋण की वसूली व वास्तविक दिव्यांगों का कर्ज माफ।
25 मार्च की घटना का जिक्र कर शासन की कार्यशैली पर सवाल
संगठन ने याद दिलाया कि 25 मार्च 2025 को भी दिव्यांगजन जब पैदल मार्च के लिए निकले थे तो पुलिस ने उन्हें 5 दिन तक मरीन ड्राइव में घेरकर रोके रखा और आधी रात, सिविल ड्रेस पुलिस के जरिये जबरन वाहनों में बैठाकर नवा रायपुर के धरना स्थल में छोड़ दिया गया।
अब उबल रहा दिव्यांगो का सब्र
टोंडे ने कहा कि
“अब या तो न्याय मिलेगा, नहीं तो 29 अक्टूबर को पूरा प्रदेश पैदल मार्च में उतरेगा। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से दी चेतावनी
संघ ने कलेक्टर, एसपी और एसडीएम अभनपुर को विधिवत सूचना देते हुए कहा है कि यदि 28 अक्टूबर तक मांगों पर ठोस आदेश जारी नहीं हुए, तो “महाआंदोलन” अपरिहार्य होगा।