धान खरीदी में पारदर्शिता और सुविधा का नया दौर, किसान अमन तेंदुलकर बोले, “अब सचमुच किसान-केंद्रित है व्यवस्था”
तुंहर टोकन ऐप से घर बैठे टोकन, 3100 रुपये समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना से किसानों की बढ़ी आय
धान खरीदी में पारदर्शिता और सुविधा का नया दौर, किसान अमन तेंदुलकर बोले, “अब सचमुच किसान-केंद्रित है व्यवस्था”
तुंहर टोकन ऐप से घर बैठे टोकन, 3100 रुपये समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना से किसानों की बढ़ी आय
जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस वर्ष प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, सुचारू और किसान-केंद्रित बन गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना ने किसानों की आर्थिक जरूरतों को समय पर पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से परखने वाले अकलतरा के प्रगतिशील किसान श्री अमन तेंदुलकर ने खरीदी व्यवस्था को बेहतर बताते हुए इसे किसानों की खुशहाली का नया अध्याय कहा। वे अपने 58 क्विंटल धान के साथ अकलतरा धान उपार्जन केंद्र पहुंचे और खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह संतोषजनक पाया।
श्री तेंदुलकर ने बताया कि इस वर्ष की व्यवस्था पूर्व वर्षों की तुलना में काफी सुदृढ़ और सुविधाजनक है। उन्होंने कहा कि तुंहर टोकन मोबाइल ऐप ने किसानों की बड़ी समस्या दूर कर दी है। पहले टोकन के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता था, लेकिन अब घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त हो रहा है, जो किसानों के समय और श्रम दोनों की बचत करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा से किसानों की आर्थिक जरूरतें पूरी हो रही हैं। समर्थन मूल्य और योजनाओं का सीधा लाभ मिलना खेती को अधिक लाभकारी बना रहा है।
श्री अमन तेंदुलकर ने छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “किसान हितैषी नीतियों का असर अब ज़मीन पर दिख रहा है। व्यवस्थाएं सुधरी हैं और किसानों को सम्मान व सहूलियत दोनों मिल रही हैं।”
जिले में धान खरीदी का यह सुदृढ़ मॉडल किसानों की आय वृद्धि, पारदर्शी व्यवस्था और सहज प्रक्रिया के कारण सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।