CGKHABARNAMA की सीरीज़ का बड़ा असर, पंचायत में फैले अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
चार कड़ियों की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग के बाद हरकत में आया प्रशासन, सरपंच पर दबाव, अवैध भुगतान, फर्जी स्टिंग में कबूलनामे समेत कई गंभीर आरोपों की जांच सात दिन में होगी पूरी
CGKHABARNAMA की सीरीज़ का बड़ा असर, पंचायत में फैले अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
चार कड़ियों की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग के बाद हरकत में आया प्रशासन, सरपंच पर दबाव, अवैध भुगतान, फर्जी स्टिंग में कबूलनामे समेत कई गंभीर आरोपों की जांच सात दिन में होगी पूरी
जांजगीर-चांपा। ग्राम पंचायत अंगारखार में व्याप्त बड़े भ्रष्टाचार का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। CGKHABARNAMA की लगातार चार कड़ियों में प्रकाशित जांचपरक एवं स्टिंग आधारित खबरों का बड़ा असर सामने आया है। पंचायत के अंदर वर्षों से दबे भ्रष्टाचार की परतें जिस तरह खुलकर सामने आईं, उसने न केवल ग्रामीणों को बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को भी स्तब्ध कर दिया है।
इन्हीं खुलासों के बाद जनपद पंचायत बलोदा ने 21 नवंबर को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए पंचायत के भ्रष्टाचार की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति को सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैसे खुला भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, चारों कड़ियों का सार
पहली कड़ी: सरपंच पर दबाव बनाकर पंचायत कार्यों पर कब्जा
CGKHABARNAMA की प्रथम कड़ी में खुलासा हुआ था कि महेंद्र कुर्मी और मुकेश लहरे मिलकर निर्वाचित सरपंच पर दबाव बनाते हुए पंचायत के विकास कार्यों को अपने कब्जे में लेना चाहते थे। दोनों न तो ठेकेदार हैं, न पंच, न उनके पास GST नंबर—फिर भी पंचायत की राशि अपने निजी खातों में ले रहे थे।दूसरी कड़ी: पंचायत राशि निजी खाते में, बिल वाउचर तक नहीं
दूसरी रिपोर्ट में सामने आया कि जिन कामों के लिए राशि खातों में ली गई, उनमें वास्तविक खर्च बेहद कम हुआ। कुछ राशियां फोनपे के माध्यम से सचिव के खाते में भेजी गईं, कई खर्चों का कोई बिल, वाउचर या प्रामाणिक दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं मिला। पंचायत फंड का दुरुपयोग कर अन्य निजी कार्य कराए जाने और पंचों को पैसे बाँटने जैसे आरोप भी उजागर हुए।तीसरी कड़ी: खुद को ईमानदार बताकर दूसरों के काम पर उंगली उठाना। तीसरी कड़ी में बताया गया कि कैसे ये दोनों व्यक्ति खुद को ईमानदार बताकर दूसरों द्वारा हुए कार्यों में खामियां निकालते थे। जबकि स्वयं किए गए कार्यों में भारी अनियमितताएं सामने आईं।
चौथी कड़ी: स्टिंग में कबूलनामा, सारी पोल खुली
चौथी कड़ी में CGKHABARNAMA ने वह स्टिंग जारी किया जिसमें महेंद्र कुर्मी स्वयं अपने द्वारा राशि लेने, बांटने और उपयोग न करने की बात कबूल करता पाया गया। वहीं सरपंच ने भी ऑडियो कॉल में स्पष्ट तौर पर बताया कि कैसे ये दोनों उन्हें परेशान कर विकास कार्यों में अड़चन डालते रहे।
प्रशासन में हड़कंप—गठित हुई तीन सदस्यीय जांच टीम
जनपद पंचायत बलोदा की ओर से जारी आदेश के अनुसार इन तीन अधिकारियों को 7 दिनों के भीतर सभी शिकायतों, वित्तीय गड़बड़ियों, व्यक्तिगत खातों में राशि हस्तांतरण, कार्यों की वास्तविक प्रगति और स्टिंग में मिले कथित कबूलनामों की जांच करने निर्देशित किया गया है।
ग्रामीणों में संतोष, मीडिया रिपोर्टिंग का मिला परिणाम
अंगारखार के ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया की सशक्त भूमिका ने वर्षों से छिपे इस भ्रष्टाचार को उजागर किया है। CGKHABARNAMA की लगातार चार कड़ियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग के कारण ही यह बड़ा कदम उठाया जा सका।
अब आगे क्या?
जांच टीम सात दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोनों आरोपितों सहित संबंधित दोषियों पर नियमों के तहत कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई संभव है।