धान खरीदी केंद्र प्रभारी मोहनलाल साहू की दबंगई, किसानों से अतिरिक्त तौल व मीडिया पर रोक
उच्चभीट्ठी धान खरीदी केंद्र 1041 का मामला—प्रभारी का दबंग बयान, किसानों से अतिरिक्त धान लेने का आरोप… मीडिया पर रोक की भी कोशिश, वहीं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बोले—मेरे नहीं होने पर हो रही गड़बड़ी
धान खरीदी केंद्र प्रभारी मोहनलाल साहू की दबंगई, किसानों से अतिरिक्त तौल व मीडिया पर रोक
उच्चभीट्ठी धान खरीदी केंद्र 1041 का मामला—प्रभारी का दबंग बयान, किसानों से अतिरिक्त धान लेने का आरोप… मीडिया पर रोक की भी कोशिश, वहीं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बोले—मेरे नहीं होने पर हो रही गड़बड़ी
जांजगीर–चांपा। जिले के उच्चभीट्ठी क्रमांक 1041 धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्था और दबंगई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों से जबरिया 41 किलो अतिरिक्त धान तौलकर लेने, नियमों की अनदेखी और शिकायत पर भी कार्रवाई न होने के खुले दावे ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। किसान मजबूरी में चुपचाप अतिरिक्त वजन देकर धान बेचने को विवश हैं।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब सच्चाई जानने पहुँची मीडिया टीम के सामने ही केंद्र प्रभारी मोहनलाल साहू भड़क उठा और घमंडी अंदाज में कहा— “मेरे केंद्र में मेरा ही राज चलेगा… जहां शिकायत करना है कर लो, कलेक्टर भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। पत्रकारों को यहां आने की कोई जरूरत नहीं है।”
इसके बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बदसलूकी भी किया गया है।
अब अधिकारी का बयान सामने आया
मामले पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रजनीकांत राठौर ने कहा कि वे फिलहाल हड़ताल के चलते छुट्टी पर हैं। उन्होंने साफ कहा—“मैं अभी हड़ताल के कारण छुट्टी पर हूं, आप प्रबंधक से बात कीजिए। जब तक मैं वहां रहता हूं, किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होती। अभी मेरे नहीं होने पर गड़बड़ी हो सकती है। पूर्व में भी खरीदी प्रभारी मोहनलाल साहू की शिकायत मिलने पर तहसीलदार द्वारा समझाइश दी गई थी। दोबारा मामला संज्ञान में आने पर जांच की जाएगी।”
उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि धान खरीदी केंद्र में पहले भी गड़बड़ी के मामले उठ चुके हैं और प्रशासन को इसकी जानकारी रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन व कलेक्टर ऐसे दबंग और नियमों को ताक पर रखने वाले प्रभारी पर कड़ी कार्रवाई करेंगे? या फिर किसान यूँ ही शोषण झेलते रहेंगे और मीडिया की आवाज दबाने के प्रयास जारी रहेंगे?
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।