सेमरा में विशाल हिंदू समागम, सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता पर हुआ भावपूर्ण उद्बोधन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में संत-महात्माओं, विद्वानों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति, महिलाओं की भक्ति प्रस्तुति और पंथी नृत्य बने केंद्र आकर्षण
सेमरा में विशाल हिंदू समागम, सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता पर हुआ भावपूर्ण उद्बोधन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में संत-महात्माओं, विद्वानों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति, महिलाओं की भक्ति प्रस्तुति और पंथी नृत्य बने केंद्र आकर्षण
सेमरा। ग्राम पंचायत सेमरा के नवा तालाब के पास 30 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशाल हिंदू समागम का आयोजन भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीराम जी, भारत माता और गुरु घासीदास बाबा जी के तैल चित्र पर धूप–दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात् संत सत्संग, रामायण पाठ, महिलाओं द्वारा ढोलक कीर्तन तथा स्थानीय बहनों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक पंथी नृत्य ने वातावरण को धर्ममय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता पालक कुष्ठ निवारण संघ कात्रेनगर चांपा के श्री लोमश साहू रहे। उन्होंने हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में भारत ही एकमात्र देश है जिसे माता का दर्जा प्राप्त है और यहां के नागरिक श्रद्धा से ‘भारत माता’ कहकर पुकारते हैं। उन्होंने कहा कि हम सनातनी हैं और हमारी हिंदू संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन, समृद्ध और वैज्ञानिक संस्कृति है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में सत्य निज नाम बोध संस्थान पोड़ी राछा के संस्थापक श्री कबड्डी दास महंत उपस्थित रहे। संस्थान के प्रतिनिधि श्री तेली साहब ने समाज में नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए प्रत्येक व्यक्ति से वर्ष में कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी श्री चिरंजीव रात्रे (महराज) कोटिया ने की। उन्होंने ‘मनखे-मनखे एक सामान’ के भाव को चरितार्थ करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन नरेंद्र कौशिक ने किया। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के बाद हलवा प्रसाद का वितरण किया गया।
समारोह में मुख्य रूप से शिव गोपाल कश्यप, बहरता राम कौशिक, धनाराम साहू, सुंदर कश्यप, शिवेंद्र सिंह (सरपंच सेमरा), अशोक कश्यप (सरपंच गिधा), पुरुषोत्तम कश्यप, शिव जायसवाल, गिरजानंद कुम्भज, बसंत कश्यप, विजय निर्मलकर, नंदलाल कुम्भज, अनीता कश्यप, छोटे बाई महंत, गंगाराम कश्यप, अजीत बंजारे, दीना नाथ कश्यप, रामधन महंत, दाऊ राम कश्यप, महाबीर धीवर, रामलखन पटेल, रामसागर कश्यप, शत्रुघ्न कश्यप, राजू कश्यप, दीनदयाल कश्यप सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सेमरा मंडल के अंतर्गत गिधा, अवरीद, चौराभाठा, तेंदुआ, कोटिया और चोरभट्ठी के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।