किसानों की खुशहाली का आधार बनी धान खरीदी योजना, पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा भरोसा
समर्थन मूल्य पर निर्बाध खरीदी और समय पर भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आई मजबूती
किसानों की खुशहाली का आधार बनी धान खरीदी योजना, पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा भरोसा
समर्थन मूल्य पर निर्बाध खरीदी और समय पर भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आई मजबूती
सक्ती : जिले में धान उपार्जन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत संचालित धान खरीदी अभियान किसानों के लिए आर्थिक सुदृढ़ता और आत्मविश्वास का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर पारदर्शी ढंग से की जा रही खरीदी तथा कृषक उन्नति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है।
शासन द्वारा प्रति क्विंटल 3100 रुपये के समर्थन मूल्य की घोषणा तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल उपार्जन सीमा निर्धारित किए जाने के बाद जिले के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने लगा है। इसका सीधा लाभ किसानों की आजीविका, कृषि निवेश और भविष्य की तैयारियों को मिल रहा है।
इसी क्रम में विकासखण्ड सक्ती के ग्राम रेडा निवासी किसान पुरुषोत्तम लाल राठौर ने धान उपार्जन केंद्र किरारी में कुल 137.20 क्विंटल धान का विक्रय किया है। उन्होंने बताया कि बेहतर व्यवस्था, त्वरित तौल, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान से उन्हें बड़ी राहत मिली है। भुगतान मिलने से परिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ आगामी फसल की तैयारी भी सुचारु रूप से हो पा रही है।
किसान पुरुषोत्तम लाल ने कहा कि अब धान उपार्जन केंद्रों में पहले की तुलना में व्यवस्थाएं काफी सुदृढ़ हुई हैं। भीड़-भाड़ से राहत, व्यवस्थित पंजीयन, सुनियोजित तौल व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान व्यवस्था से किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल बना है। उन्होंने शासन की किसान हितैषी नीतियों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि इन योजनाओं से किसानों को सुरक्षा और स्थिरता का भरोसा मिला है, जिससे वे निश्चिंत होकर अपनी उपज का विक्रय कर रहे हैं।
जिले में धान खरीदी अभियान निरंतर जारी है और प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था के साथ किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।