पीएम अजय योजना से बदलेगी अनुसूचित जाति वर्ग की आर्थिक तस्वीर
कलेक्टर ने बैंकर्स को दिए त्वरित ऋण स्वीकृति के निर्देश, आजीविका एवं रोजगार ऋण मेले में लगेगा विशेष स्टॉल
पीएम अजय योजना से बदलेगी अनुसूचित जाति वर्ग की आर्थिक तस्वीर
कलेक्टर ने बैंकर्स को दिए त्वरित ऋण स्वीकृति के निर्देश, आजीविका एवं रोजगार ऋण मेले में लगेगा विशेष स्टॉल
जांजगीर-चांपा। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम अजय) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैंकर्स की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों से संबंधित अभ्युदय ऋण प्रकरणों का त्वरित परीक्षण कर समय-सीमा में स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे सहित संबंधित अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि हितग्राहियों को स्थायी स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कलेक्टर ने कार्यपालन अधिकारी, जिला अंत्यावसायी को निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाले आजीविका एवं रोजगार ऋण मेले के दौरान प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना से संबंधित स्टॉल अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। इससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक योजना की जानकारी पहुंचेगी और वे आवेदन के लिए प्रेरित होंगे।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य शासन द्वारा जांजगीर-चांपा जिले को प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत कुल 885 ऋण प्रकरणों का लक्ष्य प्रदान किया गया है। कलेक्टर ने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने हेतु सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने योजना की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
स्वरोजगार के लिए मिलेंगे विविध अवसर
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत किराना, मनिहारी, कपड़ा दुकान, नाई सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैंसी स्टोर, मोटर मैकेनिक, साइकिल मरम्मत, टीवी-रेडियो-मोबाइल रिपेयरिंग, वेल्डिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोना-पत्तल निर्माण, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप अन्य आयजनक व्यवसायों के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाता है।
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि आवेदक अपने क्षेत्र में प्रचलित व्यवसाय या अन्य उपयुक्त व्यवसाय हेतु भी आवेदन कर सकता है, बशर्ते उसे संबंधित व्यवसाय का सामान्य अनुभव एवं जानकारी हो। ऋण की अंतिम स्वीकृति संबंधित बैंक द्वारा प्रदान की जाएगी। व्यवसाय अनुसार न्यूनतम एक लाख रुपये तक के ऋण पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) की अनुदान राशि जिला अंत्यावसायी विभाग द्वारा दी जाती है।
आवेदन हेतु आवश्यक पात्रता
योजना के अंतर्गत आवेदक का अनुसूचित जाति वर्ग का होना, जिले का मूल निवासी होना तथा आयु 18 से 50 वर्ष के मध्य होना अनिवार्य है। आवेदक की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। जाति, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। साथ ही शासकीय योजनाओं का कोई पूर्व ऋण बकाया नहीं होना चाहिए।
यहां जमा कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक आवेदक कार्यालयीन समय में कार्यालय जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित, जांजगीर-चांपा (भारतीय स्टेट बैंक के बगल में, विश्राम गृह के सामने, पुराना जनपद पंचायत नवागढ़ सभा भवन, जांजगीर) में संपर्क कर आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।