जिले में रबी सीजन के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, अधिक कीमत पर बिक्री पर होगी सख्त कार्रवाई
शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी, किसानों को नहीं होगी किसी प्रकार की परेशानी
जिले में रबी सीजन के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, अधिक कीमत पर बिक्री पर होगी सख्त कार्रवाई
शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी, किसानों को नहीं होगी किसी प्रकार की परेशानी
जांजगीर-चांपा। रबी वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में किसान भाई रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों की खेती की तैयारी में जुट गए हैं। इस बीच जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उप संचालक कृषि जांजगीर ने जानकारी दी कि वर्तमान में जिले की सहकारी एवं निजी संस्थाओं में बीज और उर्वरकों का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण किया जा चुका है, जिससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार खाद एवं बीज का उठाव कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में बीज भण्डारण का लक्ष्य 2700 क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 1985.04 क्विंटल बीज का भण्डारण किया जा चुका है। शेष लक्ष्य की पूर्ति हेतु भण्डारण कार्य लगातार प्रगतिरत है। इसी प्रकार सहकारी एवं निजी संस्थाओं में खाद का कुल लक्ष्य 31050 मीट्रिक टन रखा गया है, जिसके विरुद्ध 18256.05 मीट्रिक टन खाद का भण्डारण पूर्ण हो चुका है। उपलब्ध भण्डारण के चलते किसान बिना किसी कठिनाई के आवश्यक उर्वरकों का उठाव कर रहे हैं।
कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि शासन द्वारा उर्वरकों की दरें पूर्व से निर्धारित हैं, जिनमें यूरिया 266 रुपये प्रति बोरी, डीएपी 1350 रुपये प्रति बोरी, एस.एस.पी. 510 रुपये प्रति बोरी, पोटाश 1535 रुपये प्रति बोरी तथा एन.पी.के. 1720 रुपये प्रति बोरी निर्धारित की गई है। जिले में किसी भी उर्वरक विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरकों के विक्रय की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त जिले के निजी विक्रेताओं के पास कीटनाशक दवाइयों का भी पर्याप्त भण्डारण उपलब्ध है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान रबी एवं आगामी ग्रीष्मकालीन फसल सीजन के दौरान जिले के कृषकों को खेती-बाड़ी से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए किसानों को सुचारु रूप से कृषि आदान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।