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मक्का किसानों को बड़ी राहत, मसोरा 132 केवी उपकेंद्र की क्षमता बढ़ी

8.5 करोड़ की लागत से 63 एमवीए नया ट्रांसफार्मर उर्जीकृत, डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा निर्बाध और लो-वोल्टेज मुक्त बिजली

मक्का किसानों को बड़ी राहत, मसोरा 132 केवी उपकेंद्र की क्षमता बढ़ी

8.5 करोड़ की लागत से 63 एमवीए नया ट्रांसफार्मर उर्जीकृत, डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा निर्बाध और लो-वोल्टेज मुक्त बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने बिजली उपभोक्ताओं और किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विद्युत अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोंडागांव जिले के मसोरा स्थित 132 केवी अतिउच्च दाब उपकेंद्र में 63 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर सफलतापूर्वक उर्जीकृत कर दिया गया है। इस परियोजना पर लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत आई है।

नए ट्रांसफॉर्मर के उर्जीकृत होने से जिले के करीब 21 हजार किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जो रबी एवं ग्रीष्मकालीन मौसम में फसल चक्र परिवर्तन के तहत बड़े पैमाने पर मक्के की खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही आदिवासी बहुल क्षेत्र के लगभग डेढ़ लाख विद्युत उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली विद्युत कटौती से स्थायी राहत मिलेगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोंडागांव जिले के 132/33 केवी उपकेंद्र मसोरा में अतिरिक्त 63 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर उसे उर्जीकृत किया गया है।

उन्होंने बताया कि उपकेंद्र मसोरा में पूर्व से 40-40 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर कार्यरत थे, जिनसे 33 केवी के कुल आठ फीडर संचालित होते हैं। इन फीडरों के माध्यम से कोंडागांव, फरसगांव एवं माकड़ी ब्लॉक का संपूर्ण क्षेत्र तथा बड़ेराजपुर ब्लॉक का आंशिक क्षेत्र विद्युत आपूर्ति से जुड़ा हुआ है। वहीं केशकाल ब्लॉक का संपूर्ण क्षेत्र एवं बड़ेराजपुर ब्लॉक का शेष भाग 132/33 केवी उपकेंद्र कांकेर से विद्युत आपूर्ति प्राप्त करता है।

डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता (जगदलपुर क्षेत्र) टी.के. मेश्राम ने बताया कि कोंडागांव जिले में रबी सीजन के दौरान मक्के की व्यापक खेती के कारण ग्रीष्म ऋतु में सिंचाई के लिए बिजली की मांग काफी बढ़ जाती थी। इससे उपकेंद्र मसोरा पर ओवरलोड की स्थिति बनती थी और जिले में लो-वोल्टेज तथा विद्युत कटौती जैसी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। इस समस्या के निराकरण के लिए किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार मांग की जा रही थी।

उन्होंने बताया कि 63 एमवीए अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर के उर्जीकृत होने से उपकेंद्र की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे जिले में विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण होगी। ग्रीष्म ऋतु में होने वाली लो-वोल्टेज और कटौती की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी तथा कृषि, घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचेगा।

यह उपलब्धि कोंडागांव जिले के समग्र विकास, किसानों की सिंचाई सुविधा सुदृढ़ करने और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता अब्राहम वर्गीस, संजय तिवारी, अधीक्षण अभियंता एच.के. सूर्यवंशी, कतलम, कार्यपालन अभियंता पी.वी. राजेश सहित ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित

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