जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा में ओपीडी व्यवस्था बदहाल
9 जनवरी को सुबह 11:30 बजे तक डॉक्टर नदारद, शाम की ओपीडी में रोजाना मरीजों को करना पड़ता है इंतजार
जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा में ओपीडी व्यवस्था बदहाल
9 जनवरी को सुबह 11:30 बजे तक डॉक्टर नदारद, शाम की ओपीडी में रोजाना मरीजों को करना पड़ता है इंतजार
जांजगीर-चांपा। जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा में ओपीडी व्यवस्था को लेकर हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। आज 9 जनवरी को भी सुबह की ओपीडी में यही स्थिति देखने को मिली, जहां निर्धारित समय के बावजूद सुबह 11 बजकर 30 मिनट तक अधिकांश ओपीडी कक्षों में डॉक्टर उपस्थित नहीं रहे। इससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय में ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम 4 बजे से 6 बजे तक निर्धारित है, लेकिन सुबह की ओपीडी में समय बीत जाने के बाद भी कई कक्ष खाली नजर आए। ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे। मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन कई कक्षों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति बनी रही।
मरीजों का कहना है कि ओपीडी समय के दौरान जब डॉक्टरों की जानकारी ली जाती है, तो कभी राउंड पर होने की बात कही जाती है। हालांकि, मरीजों के अनुसार वार्डों में भी डॉक्टरों की मौजूदगी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आती, जिससे उन्हें असमंजस की स्थिति में इंतजार करना पड़ता है।
शाम की ओपीडी को लेकर भी स्थिति संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। मरीजों के अनुसार शाम के समय डॉक्टरों की अनुपस्थिति की स्थिति लगभग रोजाना बनी रहती है। तय समय पर डॉक्टरों के नहीं पहुंचने के कारण शाम की ओपीडी में भी मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार इलाज कराए बिना ही लौटना पड़ता है।
जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी व्यवस्था की यह स्थिति दूर-दराज से आने वाले मरीजों के लिए अधिक परेशानी का कारण बन रही है। मरीजों को उम्मीद है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा ओपीडी समय का कड़ाई से पालन कराते हुए व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, ताकि उन्हें समय पर उचित उपचार मिल सके।