35 हजार लेते ही महिला अतिरिक्त तहसीलदार व पटवारी एसीबी के शिकंजे में
जांजगीर जिले के पामगढ़ में एसीबी बिलासपुर की बड़ी ट्रैप कार्रवाई, धान उपार्जन केंद्र प्रभारी की शिकायत पर पकड़े गए आरोपी
जांजगीर-चांपा : जिले के पामगढ़ क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के मामले में महिला अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। धान उपार्जन केंद्र प्रभारी से 35 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि रिश्वती रकम मौके से बरामद कर ली गई।
एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार पामगढ़ की अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती करुणा आहेर एवं चोरभट्टी (उच्चभट्ठी) क्षेत्र के पटवारी आयुष कुमार ध्रुव को 35 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह रकम धान उपार्जन केंद्र चोरभट्टी के प्रभारी से मांगी गई थी।
डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र चोरभट्टी के प्रभारी धीरेंद्र कुमार कौशिक ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर द्वारा पूर्व में धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान धान खरीदी कार्य में अनियमितता बताकर पंचनामा तैयार किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिकूल रिपोर्ट न भेजने के एवज में 30 से 40 हजार रुपये की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार अतिरिक्त तहसीलदार ने साथ आए पटवारी आयुष कुमार ध्रुव से भी अलग से बातचीत करने को कहा। बाद में पटवारी ने भी मांगी गई रकम की व्यवस्था करने और अपने लिए भी कुछ राशि देने की बात कही। धान उपार्जन केंद्र प्रभारी ने रिश्वत देने के बजाय आरोपियों को रंगेहाथ पकड़वाने का निर्णय लिया और एसीबी से संपर्क किया।
एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जो सही पाई गई। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। दिनांक 4 फरवरी 2026 को शिकायतकर्ता द्वारा व्यवस्थित की गई 35 हजार रुपये की राशि आरोपियों को देने भेजी गई। तय योजना के अनुसार अतिरिक्त तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी आयुष कुमार ध्रुव ने रिश्वती रकम स्वीकार की, तभी आसपास तैनात एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी एवं अतिरिक्त तहसीलदार दोनों को पकड़ लिया।
एसीबी ने पटवारी आयुष ध्रुव के कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि 35 हजार रुपये बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है। साथ ही एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल एसीबी को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।