जांजगीर–पीथमपुर सड़क स्वीकृति पर श्रेय की सियासत तेज, नेताओं में होड़
27.78 करोड़ की मंजूरी के बाद राजनीतिक दल सक्रिय, किसका कितना योगदान, जनता कर रही आकलन
जांजगीर–पीथमपुर सड़क स्वीकृति पर श्रेय की सियासत तेज, नेताओं में होड़
27.78 करोड़ की मंजूरी के बाद राजनीतिक दल सक्रिय, किसका कितना योगदान, जनता कर रही आकलन
जांजगीर-चांपा। जांजगीर से पीथमपुर मार्ग के लिए 27 करोड़ 78 लाख 46 हजार रुपये की स्वीकृति मिलते ही क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सड़क निर्माण को लेकर जहां आम जनता राहत महसूस कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ भी खुलकर सामने आने लगी है।
जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा इस सड़क के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके बाद से ही सत्ता पक्ष के कई नेता इस निर्णय को अपनी पहल और प्रयासों का परिणाम बताने में जुट गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अलग-अलग दावों की बाढ़ देखी जा रही है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर इस सड़क के लिए लंबे समय से आंदोलन और मांग का इतिहास रहा है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर जमीनी स्तर पर संघर्ष भी किया गया था। विशेष रूप से वर्तमान विधायक ब्यास कश्यप का नाम इस संदर्भ में प्रमुखता से लिया जा रहा है, जिन्होंने सड़क की मांग को लेकर आंदोलन किया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विकास कार्यों की स्वीकृति के बाद इस प्रकार की श्रेय लेने की प्रतिस्पर्धा आम बात है। वहीं आमजनता इन दावों के बीच अपने अनुभव और स्मृति के आधार पर वास्तविक योगदान का आकलन कर रही है।
फिलहाल, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि स्वीकृत कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा हो।