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नवागढ़ नगर पंचायत का लेखापाल 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

बिल भुगतान के चेक जारी करने के एवज में मांगी थी रकम, बिलासपुर एसीबी टीम ने सेमरा के पास दबोचा

नवागढ़ नगर पंचायत का लेखापाल 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

बिल भुगतान के चेक जारी करने के एवज में मांगी थी रकम, बिलासपुर एसीबी टीम ने सेमरा के पास दबोचा

जांजगीर-चांपा। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीबी बिलासपुर की टीम ने शुक्रवार को नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसीबी/आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा संचालित ट्रैप अभियान के तहत नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल प्रकाश जायसवाल को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई

डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी फर्म द्वारा नगर पंचायत नवागढ़ क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अधोसंरचना एवं मरम्मत कार्य किए गए थे। उक्त कार्यों के एवज में लगभग 2 लाख 3 हजार रुपये की बिल राशि का भुगतान लंबित था।

आरोप है कि इस भुगतान के चेक जारी कराने के लिए लेखापाल प्रकाश जायसवाल द्वारा 16 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी, जिसमें से 6 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे तथा शेष 10 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था।

सत्यापन के बाद बनाई गई ट्रैप योजना

शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाए जाने पर एसीबी टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। सत्यापन के दौरान मोलभाव के बाद आरोपी द्वारा 10 हजार रुपये के स्थान पर 8 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई गई।

सेमरा के पास की गई गिरफ्तारी

योजना के तहत 20 मार्च को प्रार्थी को रिश्वत राशि देने भेजा गया। आरोपी ने प्रार्थी से 8 हजार रुपये लेकर उसे अपनी कार में रखा। इसी दौरान पहले से घात लगाए एसीबी टीम ने ग्राम सेमरा के पास शाह क्रशर के नजदीक उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि 8 हजार रुपये बरामद कर ली गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

एसीबी द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

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