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127 दिन के अवकाश और वेतन आहरण का मामला: जांच के इंतजार में अटका फैसला

नोटिस जारी होने के 3 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं, कलेक्टर को सौंपी गई जांच

127 दिन के अवकाश और वेतन आहरण का मामला, जांच के इंतजार में अटका फैसला

नोटिस जारी होने के 3 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं, कलेक्टर को सौंपी गई जांच

जांजगीर-चांपा। समाज कल्याण विभाग से जुड़े एक गंभीर प्रशासनिक प्रकरण में 127 दिनों के अवकाश एवं उससे जुड़े वेतन आहरण को लेकर उठे सवालों के बीच अब तक कार्रवाई नहीं होने से मामला चर्चा में बना हुआ है। आवेदन दिए जाने और नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारी द्वारा जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक कुल 127 दिनों का अवकाश लिया गया। आवेदन में अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया और उस अवधि में किए गए वेतन आहरण को लेकर अनियमितता की आशंका जताई गई है। यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्धारित नियमों के अनुरूप अवकाश स्वीकृति नहीं होने के बावजूद वेतन आहरण किया गया।

इस संबंध में 07 जनवरी 2026 को समाज कल्याण संचालनालय, रायपुर द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, जिसमें संबंधित अधिकारी से जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया था। इसके बावजूद, लगभग तीन माह बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई सामने नहीं आई है।

आवेदन की प्रतिलिपि कलेक्टर जांजगीर-चांपा, कोषालय कार्यालय तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित की गई थी, जिससे मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच और कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही थी। हालांकि अब तक संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय या कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है।

इसी बीच, आज 21 अप्रैल को संचालक, समाज कल्याण विभाग रायपुर से दूरभाष पर चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच कलेक्टर जांजगीर-चांपा को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, पूरा मामला जांच रिपोर्ट पर निर्भर है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस प्रकरण में क्या निर्णय लेता है।

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