समाज कल्याण विभाग में कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, आंतरिक पत्राचार से सामने आई अव्यवस्था
कार्य विभाजन को लेकर असमंजस की स्थिति, जिम्मेदारियों में बदलाव से संचालन प्रभावित होने के संकेत
समाज कल्याण विभाग में कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, आंतरिक पत्राचार से सामने आई अव्यवस्था
कार्य विभाजन को लेकर असमंजस की स्थिति, जिम्मेदारियों में बदलाव से संचालन प्रभावित होने के संकेत
जांजगीर-चांपा। समाज कल्याण विभाग से जुड़े प्रकरण की अगली कड़ी में अब विभाग के भीतर की कार्यप्रणाली को लेकर नए तथ्य सामने आ रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक आधिकारिक पत्राचार से यह संकेत मिल रहा है कि विभाग में कार्य विभाजन और जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जारी आदेशों के तहत विभिन्न शाखाओं का कार्य विभाजन किया गया है, लेकिन इस प्रक्रिया में कार्यों का वितरण अपेक्षित पदानुसार न होकर भिन्न तरीके से किए जाने की बात सामने आई है। पत्र में उल्लेख है कि जिन जिम्मेदारियों का निर्वहन उच्च स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए, वे कार्य अन्य स्तर पर सौंपे जाने से कार्यप्रणाली में असंतुलन की स्थिति बन रही है।
साथ ही, यह भी जानकारी सामने आई है कि पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार किए गए दायित्व निर्धारण में बाद में बदलाव किए गए, जिससे विभागीय समन्वय प्रभावित हुआ है। लगातार आदेशों में परिवर्तन और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण से कार्य निष्पादन की प्रक्रिया पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।
पत्राचार में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्यालयीन कार्यों के सुचारू संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और समुचित जिम्मेदारी निर्धारण आवश्यक है। वर्तमान स्थिति में कार्यों के निष्पादन में व्यवधान आने के संकेत मिल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, विभाग के भीतर इस प्रकार की स्थिति से कार्यों की गति धीमी पड़ रही है और समन्वय में कमी देखी जा रही है। हालांकि, इस संबंध में विभागीय स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल, लगातार सामने आ रहे तथ्यों के बीच यह स्पष्ट हो रहा है कि समाज कल्याण विभाग, जांजगीर-चांपा में कार्यप्रणाली को लेकर कई स्तरों पर स्थिति सामान्य नहीं है। अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इन परिस्थितियों को सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं।