तिरंगे का सम्मान, पर मेहनताना अधूरा: चार साल से भुगतान का इंतजार
स्व सहायता समूह की महिलाओं ने 2034 तिरंगे सिलकर निभाई जिम्मेदारी, 89,803 रुपये अब भी बकाया

तिरंगे का सम्मान, पर मेहनताना अधूरा: चार साल से भुगतान का इंतजार
स्व सहायता समूह की महिलाओं ने 2034 तिरंगे सिलकर निभाई जिम्मेदारी, 89,803 रुपये अब भी बकाया
15 अगस्त फिर करीब, जिस तिरंगे के सामने देशवासी गौरवान्वित होते हैं, उसे बनाने वाली महिलाएं मेहनताना पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर
जांजगीर-चांपा। आगामी 15 अगस्त को एक बार फिर देशभर में तिरंगा शान से फहराया जाएगा। राष्ट्रीय ध्वज के सामने देशवासी अपने आपको गौरवान्वित महसूस करेंगे, लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में इसी तिरंगे को तैयार करने वाली स्व सहायता समूह की महिलाओं का मेहनताना चार साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2022 में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के लिए जय मां शारदा स्व सहायता समूह, ग्राम परसापाली (रींवा) की महिलाओं ने 2034 तिरंगे झंडों की सिलाई की थी। समूह के अनुसार, अब भी 89,803 रुपये का भुगतान शेष है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रति झंडा 77 रुपये की दर से 2034 झंडों की सिलाई की गई थी। इस हिसाब से कुल राशि 1,56,618 रुपये होती है। इसमें से समूह को 66,815 रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 89,803 रुपये अब भी बाकी हैं। बकाया राशि के भुगतान के लिए समूह की महिलाओं ने संबंधित कार्यालयों के साथ-साथ जनदर्शन में भी आवेदन दिए। आवेदन में 07 अक्टूबर 2024 और 02 फरवरी 2026 को दिए गए आवेदनों का भी उल्लेख किया गया है।

समूह की महिलाओं का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के लिए तिरंगे तैयार करने की जिम्मेदारी उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाई, लेकिन अपने मेहनताना के लिए उन्हें लगातार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बकाया राशि का भुगतान कराने की मांग की है।
सीईओ बोले – फंड ही नहीं है तो भुगतान कहां से होगा
मामले में जिला पंचायत के वर्तमान सीईओ विनय पोयाम ने कहा कि “उसमें तो फंड ही नहीं है, तो उसमें कहां से भुगतान होगा। नोटशीट चलाकर इसकी जानकारी दे दी गई है। मेरे को उसकी जानकारी नहीं है। जो भी उस समय के पीठासीन अधिकारी रहे हैं, उनकी जवाबदारी बनती है। मेरी कोई जवाबदारी नहीं बनती है। इसमें मैं अपना कोई वर्जन नहीं दूंगा।”
एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक बोले – शेष भुगतान के लिए सीईओ से चल रही बात
एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक उपेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि भुगतान हुआ है और कुछ राशि शेष बची है। शेष भुगतान के लिए सीईओ से बात चल रही है। वहां से जानकारी मिलने के बाद ही बताया जा सकेगा कि भुगतान कब तक हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि झंडा सिलाई के भुगतान को लेकर जो राशि बताई गई है, उसमें कुछ अधिक बताया गया है। उनके अनुसार, “ऐसे लगभग सिलाई का वाजिब दर भुगतान कर दिया गया है। मगर फिर भी जो बोला गया था, उस भुगतान के लिए जितना आया था, वह आबंटित कर दिया गया था। उसके बाद सीईओ सर से बात चल रही है और कलेक्टर साहब के संज्ञान में भी मामला है। घबराएं नहीं, बाकी भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा।”
15 अगस्त से पहले फिर सामने आया भुगतान का सवाल
अब जब 15 अगस्त का राष्ट्रीय पर्व सामने है और देशभर में तिरंगा फहराने की तैयारियां चल रही हैं, ऐसे समय में वर्ष 2022 में राष्ट्रीय पर्व के लिए झंडा तैयार करने वाली महिलाओं के लंबित मेहनताना का मामला फिर चर्चा में है। एक ओर देश में महिला सशक्तिकरण और स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय पर्व के लिए तिरंगा तैयार करने वाली इन महिलाओं को अपने परिश्रम की शेष राशि के लिए वर्षों से इंतजार करना पड़ रहा है।

महिलाओं ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन के संज्ञान में मामला होने के बाद अब शेष 89,803 रुपये का भुगतान जल्द किया जाएगा और उनके वर्षों पुराने इंतजार का अंत होगा।




