
घोषणाओं का विधानसभा क्षेत्र या विकास का? पामगढ़ में काम कम, प्रचार ज्यादा!
पोस्टरों और भूमिपूजन की चमक के बीच जमीनी हकीकत पर उठने लगे सवाल, जनप्रतिनिधि की कार्यशैली पर बढ़ी चर्चा
जांजगीर-चांपा। जिले का पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र इन दिनों विकास कार्यों से अधिक घोषणाओं और प्रचार-प्रसार को लेकर चर्चा में बना हुआ है। क्षेत्र में लगातार बड़े-बड़े दावे, भूमिपूजन कार्यक्रम और सोशल मीडिया के माध्यम से विकास की तस्वीरें प्रस्तुत की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर बताई जा रही है। कई गांवों में सड़कों की हालत जर्जर बनी हुई है, नालियों का निर्माण अधूरा है और पेयजल संकट समय-समय पर सामने आता रहता है। बरसात के दौरान संपर्क मार्ग बाधित होने जैसी समस्याएं भी हर वर्ष सामने आती हैं, जिनके स्थायी समाधान की अपेक्षा बनी हुई है।
इसके विपरीत क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के भूमिपूजन और उद्घाटन कार्यक्रमों की सक्रियता लगातार देखी जा रही है। पोस्टर, बैनर और बधाई संदेशों के माध्यम से विकास कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे प्रचार का माहौल अधिक प्रभावी नजर आता है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कई कार्यों का भूमिपूजन तो किया जाता है, लेकिन निर्माण कार्यों की शुरुआत में विलंब होता है। कुछ स्थानों पर केवल सूचना बोर्ड लगाए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे विकास कार्यों की प्रगति को लेकर लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है।
क्षेत्र में युवाओं के बीच रोजगार के अवसर, किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं और समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दे, महिलाओं के लिए पेयजल व्यवस्था तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर चर्चा जारी है। इन विषयों पर लोगों की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं।
इसी बीच इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व में भाजपा प्रत्याशी रहे संतोष कुमार लहरे ने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है और अपने वायदों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शासन की नीतियां सभी के लिए समान रूप से लागू होती हैं, लेकिन किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास वहां के जनप्रतिनिधि की सक्रियता, तत्परता और रुचि पर निर्भर करता है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों के प्रति गंभीरता से कार्य करे तो क्षेत्र में विकास की गति तेज हो सकती है, वहीं निजी स्वार्थ और अनियमितताओं की स्थिति में क्षेत्र का विकास प्रभावित होता है और उसकी छवि पर भी असर पड़ता है।
वर्तमान परिदृश्य में पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में यह चर्चा लगातार जोर पकड़ रही है कि घोषित योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंच पा रहा है। लोगों की अपेक्षा है कि विकास कार्यों का प्रभाव सीधे तौर पर उनके जीवन में दिखाई दे और बुनियादी सुविधाओं में ठोस सुधार हो सके।
अब क्षेत्र में यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि क्या विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और प्रचार के बीच संतुलन स्थापित हो पाएगा और क्या जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप स्थायी विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।




