POP की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पर्यावरण संरक्षण को लेकर मातृऋण सेवा संस्थान और यूथ इंडिया क्लब ने मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं को बढ़ावा देने की रखी मांग

POP की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पर्यावरण संरक्षण को लेकर मातृऋण सेवा संस्थान और यूथ इंडिया क्लब ने मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं को बढ़ावा देने की रखी मांग
अकलतरा। धार्मिक त्योहारों के दौरान प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से निर्मित भगवान की प्रतिमाओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर मातृऋण सेवा संस्थान एवं यूथ इंडिया क्लब अकलतरा के पदाधिकारियों ने एसडीएम सुमित बघेल को ज्ञापन सौंपा। संस्था के पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए POP की प्रतिमाओं के स्थान पर मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं को बढ़ावा देने की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया कि धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में भगवान की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। इनमें POP से निर्मित प्रतिमाओं का भी उपयोग किया जाता है। विसर्जन के बाद POP की प्रतिमाएं पानी में आसानी से घुल नहीं पातीं, जिससे जलस्रोतों में प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके साथ ही प्रतिमाओं में उपयोग किए जाने वाले रंग एवं अन्य सामग्री भी जल और जलीय जीवों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए ऐसी प्रतिमाओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिनका विसर्जन प्राकृतिक रूप से हो सके। उन्होंने प्रशासन से धार्मिक त्योहारों के दौरान POP से निर्मित प्रतिमाओं पर प्रतिबंध लगाने तथा फेंकने योग्य मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं को बढ़ावा देने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर मातृऋण सेवा संस्थान एवं यूथ इंडिया क्लब अकलतरा के मन्नू थवाईत, कोषाध्यक्ष दुर्गेश राठौर, सहसचिव सोमदेव पाण्डेय एवं मीडिया प्रभारी हरिशंकर कंवर उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पर्यावरण हित में इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग की।




