
चांपा अस्पताल में बड़ी लापरवाही उजागर: खुले में जलाई गई एक्सपायरी दवाइयां, कार्रवाई अब तक शून्य
गाइडलाइन को ताक पर रखकर दवाइयों का खुले में निपटान
प्रदूषण और संक्रमण का बढ़ा खतरा, लोगों की सेहत पर संकट
मीडिया ने खोली पोल, शिकायत के बाद भी जांच शुरू नहीं
जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल, जनता में नाराजगी
चांपा : बिसाहू दास महंत चिकित्सालय चांपा में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर में एक्सपायरी दवाइयों को निर्धारित नियमों के विपरीत खुले में जलाने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने न केवल विभागीय गाइडलाइन की अनदेखी को उजागर किया है, बल्कि आम लोगों की सेहत के साथ भी बड़ा जोखिम खड़ा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयों के सुरक्षित निपटान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं, जिनके तहत दवाइयों को गड्ढा खोदकर वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज़ किया जाना चाहिए। इसके बावजूद कर्मचारियों द्वारा खुले में दवाइयों को जलाया गया, जिससे प्रदूषण और संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।

स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवल ध्रुवे ने बताया कि विभाग की गाइडलाइन स्पष्ट है और कर्मचारियों को कई बार इस संबंध में निर्देशित किया जा चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि बार-बार समझाइश के बावजूद कर्मचारी इस तरह की गलती दोहरा रहे हैं।
मीडिया ने संज्ञान में लाया, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम को मीडिया कर्मियों द्वारा चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया। बावजूद इसके अब तक न तो किसी प्रकार की जांच शुरू की गई है और न ही जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब शिकायत के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं, तो यह संदेह स्वाभाविक है कि कहीं न कहीं लापरवाही को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
जनता के उठते सवाल
शिकायत के बाद भी जांच प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं की गई?
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्या स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है?
सेहत और पर्यावरण पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में दवाइयों को जलाने से जहरीली गैसें वातावरण में फैलती हैं, जो आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। साथ ही यह पर्यावरणीय मानकों का भी खुला उल्लंघन है।
चांपा के इस स्वास्थ्य केंद्र में सामने आई लापरवाही ने विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और कब तक दोषियों पर कार्रवाई होती है।




