उच्चभिठी सहकारी समिति में नियुक्ति विवाद: बहू को लेखापाल बनाने के आरोप, जांच की बात सामने आई
अजय यादव ने लगाए गंभीर आरोप, 8 माह से वेतन भुगतान पर सवाल, सहकारी विभाग ने कही निष्पक्ष जांच की बात

उच्चभिठी सहकारी समिति में नियुक्ति विवाद: बहू को लेखापाल बनाने के आरोप, जांच की बात सामने आई
अजय यादव ने लगाए गंभीर आरोप, 8 माह से वेतन भुगतान पर सवाल, सहकारी विभाग ने कही निष्पक्ष जांच की बात
जांजगीर-चांपा। सेवा सहकारी समिति क्रमांक 1041 उच्चभिठी में लेखापाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस पूरे प्रकरण में समिति के कर्मचारी अजय यादव द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला चर्चा में आ गया है। आरोपों के अनुसार, समिति के प्रबंधक मोहन लाल साहू ने अपनी बहू सीता साहू को लेखापाल के पद पर नियुक्त किया है और पिछले 8 माह से उनके खाते में नियमित वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
अजय यादव का आरोप है कि सीता साहू नियुक्ति के बाद से नियमित रूप से कार्यालय नहीं आई हैं, इसके बावजूद उन्हें हर माह वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब प्रबंधक द्वारा उनकी छुट्टियों को लेकर वेतन कटौती की बात कही गई, तब उन्होंने इस विषय को उठाया, जिसके बाद उन्हें कार्य से हटा दिया गया।
मामले में समिति के अन्य कर्मचारियों और पदाधिकारियों के बयान अलग-अलग सामने आए हैं। समिति के विक्रेता दुजराम ने बताया कि संबंधित कर्मचारी कभी-कभार कार्यालय आती हैं, जबकि समिति के अध्यक्ष ने इस प्रकार की किसी भी नियुक्ति की जानकारी होने से इंकार किया है।

वहीं, इस पूरे प्रकरण को लेकर उप पंजीयक/सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जांजगीर-चांपा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की बात कही है। विभागीय स्तर पर जांच की संभावना के बीच अब स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मामले में लगाए गए आरोपों ने नियुक्ति प्रक्रिया और वेतन भुगतान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और संबंधितों पर क्या कार्रवाई की जाती है।




