सुरक्षा के दावे, कचहरी में छलकते जाम!
कोतवाली, साइबर सेल और डीएसपी (यातायात) कार्यालय के बीच स्थित परिसर में शाम ढलते ही खुलेआम शराबखोरी का आरोप

सुरक्षा के दावे, कचहरी में छलकते जाम!
कोतवाली, साइबर सेल और डीएसपी (यातायात) कार्यालय के बीच स्थित परिसर में शाम ढलते ही खुलेआम शराबखोरी का आरोप
धनतेरस-दीपावली पर कड़ी निगरानी का दावा करने वाली पुलिस पर उठे सवाल, नशे में वाहन चलाने वालों की जांच नहीं होने की शिकायत
पक्ष जानने के लिए डीएसपी (यातायात) से लगातार संपर्क का प्रयास, फोन रिसीव नहीं हुआ
जांजगीर-चांपा। धनतेरस और दीपावली पर्व को लेकर जांजगीर-चांपा पुलिस ने जहां जिलेभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दावे किए हैं, वहीं जिला मुख्यालय में पुलिस के तीन प्रमुख कार्यालयों के बीच स्थित कचहरी परिसर में शाम होते ही खुलेआम शराबखोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कोतवाली के पीछे, साइबर सेल और उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) कार्यालय के बीच स्थित कचहरी में शाम होते ही लोग जुटने लगते हैं और खुलेआम शराब का सेवन करते हैं। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहता है। बताया जा रहा है कि इन तीनों कार्यालयों के आसपास तैनात किसी भी पुलिसकर्मी का इस ओर ध्यान नहीं जाता।
सड़क पर उतरते हैं वाहन
शिकायत करने वालों का कहना है कि कचहरी परिसर में शराब सेवन के बाद कई लोग दोपहिया और चारपहिया वाहनों से सीधे सड़क पर निकलते हैं। आरोप है कि ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ यातायात पुलिस की कार्रवाई कभी नहीं देखी गई। कई लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में न तो वाहनों की नियमित चेकिंग होती है और न ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कोई कार्रवाई की जाती है।

शहर के बाहर पॉइंट, भीतर खामोशी
नागरिकों का कहना है कि यातायात पुलिस द्वारा आमतौर पर शहर के बाहरी हिस्सों में पॉइंट लगाकर बाहर से आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जाती है। इसके उलट शहर के भीतर, पुलिस कार्यालयों से महज कुछ कदम की दूरी पर हो रही कथित शराबखोरी और नशे में वाहन चलाने की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं होती। लोगों का कहना है कि ऐसे में आम वाहन चालकों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष है।

सार्वजनिक स्थल पर शराब सेवन प्रतिबंधित
गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन कानूनन प्रतिबंधित है। इसी तरह शराब पीकर वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद पुलिस कार्यालयों से लगे कचहरी परिसर में कथित रूप से हो रही शराबखोरी पर कार्रवाई नहीं होने से लोग हैरान हैं।
पुलिस के दावे
उल्लेखनीय है कि 5 नवंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में जांजगीर-चांपा पुलिस ने बताया था कि पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में सभी थाना-चौकी क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। विज्ञप्ति के अनुसार प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, सराफा दुकानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फिक्स पॉइंट पर बल तैनात है। पेट्रोलिंग टीमें लगातार भ्रमण करेंगी तथा असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाने की बात कही गई थी। धनतेरस 6 नवंबर और दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी।
उठ रहे सवाल
पर्व के दौरान बाजारों में भीड़ और वाहनों की आवाजाही बढ़ने के बीच नागरिकों का सवाल है कि जब पुलिस कार्यालयों के बीच स्थित स्थान पर ही कथित शराबखोरी और नशे में वाहन चलाने पर निगरानी नहीं है, तो सुरक्षा व्यवस्था के दावे कितने प्रभावी हैं। लोगों ने मांग की है कि कचहरी परिसर में शाम के समय गश्त बढ़ाई जाए और नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध जांच व कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पक्ष जानने का प्रयास
इस संबंध में उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) का पक्ष जानने के लिए उनसे मोबाइल पर लगातार संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।



