43 साल की परंपरा से भव्यता तक पहुंचा नैला का दुर्गा उत्सव
रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन के पास शुरू की थी पूजा, आज अक्षरधाम की तर्ज पर सज रहा पंडाल; 32 फीट की प्रतिमा और देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

43 साल की परंपरा से भव्यता तक पहुंचा नैला का दुर्गा उत्सव
रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन के पास शुरू की थी पूजा, आज अक्षरधाम की तर्ज पर सज रहा पंडाल; 32 फीट की प्रतिमा और देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-नैला का श्री श्री दुर्गा उत्सव इस वर्ष अपनी 43 वर्षों की परंपरा के साथ एक बार फिर भव्य स्वरूप में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है। करीब चार दशक पहले रेलवे अधिकारियों द्वारा शुरू की गई दुर्गा पूजा आज नैला की एक अलग पहचान बन चुकी है। इस वर्ष अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर भव्य दुर्गा पंडाल तैयार कराया जा रहा है, जहां 32 फीट ऊंची माता रानी की प्रतिमा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए स्थापित की जाएगी।
बताया गया कि करीब 43 वर्ष पूर्व नैला रेलवे स्टेशन के आसपास पदस्थ अधिकांश रेलवे अधिकारी पश्चिम बंगाल क्षेत्र से थे। धार्मिक परंपरा से जुड़े इन अधिकारियों ने स्टेशन के पास ही दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी। समय के साथ यह आयोजन स्थानीय लोगों से जुड़ता गया और लगातार 43 वर्षों से दुर्गा उत्सव की परंपरा जारी है। पिछले करीब एक दशक में उत्सव के स्वरूप और भव्यता में काफी विस्तार हुआ है।
रेलवे की परंपरा से नैला की पहचान तक
शुरुआत में सीमित स्तर पर होने वाली दुर्गा पूजा अब बड़े सार्वजनिक आयोजन का रूप ले चुकी है। नैला का श्री श्री दुर्गा उत्सव अब क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल माना जाता है। उत्सव के दौरान जांजगीर-चांपा जिले के अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। समिति के अनुसार रायपुर, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और अंबिकापुर सहित अलग-अलग क्षेत्रों से लोग माता रानी के दर्शन के लिए आते हैं। देश के अन्य हिस्सों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला रहता है।
2 एकड़ में तैयार हो रहा अक्षरधाम की तर्ज पर पंडाल
इस वर्ष श्री श्री दुर्गा उत्सव समिति द्वारा करीब 2 एकड़ क्षेत्र में भव्य पंडाल तैयार कराया जा रहा है। पंडाल को अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम की तर्ज पर महलनुमा स्वरूप दिया जा रहा है। सजावट में सोने-चांदी से जड़ित महल जैसी डिजाइन और आकर्षक विद्युत सज्जा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगी। पंडाल की लाइटिंग के लिए जयपुर, राजस्थान से विशेषज्ञों को बुलाए जाने की तैयारी है।
पंडाल में 32 फीट ऊंची माता रानी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए एक समय में एक हजार से अधिक लोगों के दर्शन करने की व्यवस्था तैयार की जा रही है।
भव्यता के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर
उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था के साथ सुरक्षा और सुविधा पर भी विशेष तैयारी की जा रही है। समिति की ओर से 200 से अधिक वॉलिंटियर तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा उत्सव स्थल पर चलित थाना की व्यवस्था प्रस्तावित है, जहां प्रतिदिन करीब 8 से 10 पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।
बुजुर्गों और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। समिति द्वारा 20 निशुल्क ऑटो उपलब्ध कराने की तैयारी है। दिव्यांग श्रद्धालुओं को माता रानी के दर्शन कराने तथा आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से पार्किंग व्यवस्था किए जाने की तैयारी है।
श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच सहज व्यवहार की पहचान
नैला के दुर्गा उत्सव की पहचान केवल पंडाल और प्रतिमा की भव्यता तक सीमित नहीं है। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच समिति के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ सहज और सरल व्यवहार बनाए रखने की परंपरा भी आयोजन से जुड़ी रही है। समिति के सदस्य व्यवस्थाओं में सहयोग करने के साथ श्रद्धालुओं को दर्शन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

4 अक्टूबर को हुई प्रेस वार्ता
दुर्गा उत्सव की तैयारियों को लेकर रविवार 4 अक्टूबर को अग्रसेन भवन स्थित दुर्गा पंडाल परिसर में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। समिति के पदाधिकारियों ने इस दौरान उत्सव की 43 वर्षों की परंपरा, इस वर्ष तैयार किए जा रहे भव्य पंडाल, 32 फीट ऊंची प्रतिमा, लाइटिंग, सुरक्षा, पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी दी।
43 वर्षों पहले रेलवे अधिकारियों द्वारा शुरू हुई पूजा की यह परंपरा आज नैला की पहचान का हिस्सा बन चुकी है। इस वर्ष अक्षरधाम की तर्ज पर तैयार हो रहा भव्य पंडाल, 32 फीट ऊंची माता रानी की प्रतिमा और व्यापक व्यवस्थाओं के साथ श्री श्री दुर्गा उत्सव एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करने की तैयारी में है।




