आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थिति का खेल! मौके पर मिले 5 बच्चे, रजिस्टर में दर्ज थी 15 की हाजिरी
बलौदा विकासखंड के खैरवार पारा महुदा (ब) स्थित केंद्र क्रमांक 151 का मामला, 20 बच्चों के पंजीयन की जानकारी; डीपीओ अनिता अग्रवाल ने दिए जांच के संकेत

आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थिति का खेल! मौके पर मिले 5 बच्चे, रजिस्टर में दर्ज थी 15 की हाजिरी
बलौदा विकासखंड के खैरवार पारा महुदा (ब) स्थित केंद्र क्रमांक 151 का मामला, 20 बच्चों के पंजीयन की जानकारी; डीपीओ अनिता अग्रवाल ने दिए जांच के संकेत
बलौदा। जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत महुदा (ब) के खैरवार पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 151 में बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्र में 20 बच्चों के पंजीयन की जानकारी दी जा रही है, लेकिन 10 अक्टूबर को मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर वहां महज पांच बच्चे ही उपस्थित मिले। वहीं, उपलब्ध उपस्थिति रजिस्टर में 7 अक्टूबर तक नियमित रूप से 15 बच्चों की हाजिरी दर्ज पाई गई। इसके बाद 8 अक्टूबर से रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। मौके पर बच्चों की संख्या और रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति के बीच अंतर सामने आने से केंद्र के संचालन और अभिलेखों के संधारण पर सवाल उठ रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति का सही रिकॉर्ड रखना संबंधित कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। ऐसे में केंद्र में मौजूद बच्चों की वास्तविक संख्या और रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति का मिलान महत्वपूर्ण हो जाता है। 10 अक्टूबर को मौके पर पांच बच्चे ही मिले, जबकि रजिस्टर में इससे पहले तक प्रतिदिन 15 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति वास्तविक उपस्थिति के अनुरूप थी या नहीं।

सवालों के घेरे में कार्यप्रणाली, कार्यकर्ता ने मांगी माफी
मौके पर जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बच्चों की उपस्थिति और रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों के संबंध में सवाल किए गए, तो वह अपनी गलतियों के लिए माफी मांगती नजर आईं। हालांकि, उन्होंने मीडिया के माइक पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इस दौरान बनाए गए खुफिया कैमरे के वीडियो में कार्यकर्ता द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है।

कार्यकर्ता ने यह भी बताया कि केंद्र की सुपरवाइजर निरीक्षण के लिए आती हैं, लेकिन उनके अनुसार, निरीक्षण के दौरान इन गलतियों पर ध्यान नहीं दिया जाता। कार्यकर्ता के इस कथन के बाद केंद्र की निगरानी व्यवस्था और निरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं।

डीपीओ अनिता अग्रवाल ने कही जांच कराने की बात
मामले को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अनिता अग्रवाल से टेलीफोन पर चर्चा की गई। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि रजिस्टर में 15 बच्चों की नियमित उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई, जबकि मौके पर केवल पांच बच्चे उपस्थित मिले। साथ ही, 8 अक्टूबर से उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने के कारणों की भी पड़ताल जरूरी है।

7 अक्टूबर तक 15 बच्चों की हाजिरी, 8 अक्टूबर से रिकॉर्ड दर्ज नहीं
उपलब्ध उपस्थिति रजिस्टर के फोटो और वीडियो में 7 अक्टूबर तक नियमित रूप से 15 बच्चों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है। वहीं, 8 अक्टूबर से आगे की उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। इसके बाद 10 अक्टूबर को केंद्र पहुंचने पर महज पांच बच्चे ही मौजूद पाए गए। इन तथ्यों के आधार पर केंद्र में दर्ज उपस्थिति और वास्तविक उपस्थिति का मिलान किए जाने की आवश्यकता है।
फिलहाल, डीपीओ ने जांच कराने की बात कही है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसमें उपस्थिति रजिस्टर, बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और केंद्र के निरीक्षण से संबंधित अभिलेखों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। जांच से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि उपस्थिति दर्ज करने में कोई अनियमितता हुई है या नहीं तथा निरीक्षण के दौरान संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका क्या रही है।



