कलेक्ट्रेट परिसर में महिला सैनिक ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, अवकाश विवाद से बढ़ा मामला
काल आउट प्रभारी पर धमकी और अनुचित मांग का आरोप

कलेक्ट्रेट परिसर में महिला सैनिक ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, अवकाश विवाद से बढ़ा मामला
काल आउट प्रभारी पर धमकी और अनुचित मांग का आरोप
कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत, जांच की मांग
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
जांजगीर-चांपा। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में पदस्थ एक महिला सैनिक ने विभागीय कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। शिकायत में अवकाश स्वीकृति को लेकर विवाद के बीच धमकी देने और अनुचित मांग किए जाने की बात कही गई है। मामले की लिखित जानकारी कलेक्टर के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी को भी दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला सैनिक ने आवेदन में उल्लेख किया है कि उन्होंने 10 जून से 12 जून 2026 तक तीन दिवस के अवकाश हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। यह आवेदन गार्ड कमांडर के माध्यम से जिला सेनानी कार्यालय में काल आउट प्रभारी राजेश तिवारी को सौंपा गया था।
शिकायत में कहा गया है कि बाद में फोन पर उन्हें बताया गया कि अवकाश में छेड़छाड़ कर केवल दो दिन की अनुमति दी गई है। महिला सैनिक ने पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए तीन दिन की छुट्टी की आवश्यकता बताई, जिस पर कथित रूप से प्रभारी द्वारा उन्हें अनुचित तरीके से जवाब देते हुए धमकाया गया और स्थानांतरण की चेतावनी दी गई।
महिला सैनिक ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखने गईं, तब जिला सेनानी ने उनकी बात सुने बिना ही वहां से प्रस्थान कर दिया। इसके बाद काल आउट प्रभारी द्वारा उन्हें कमरे में बुलाकर दरवाजा बंद कर अनुचित व्यवहार किया गया तथा नौकरी में सुविधा देने के बदले पैसे और शारीरिक संबंध की मांग की गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विरोध करने पर वह किसी तरह वहां से बाहर निकल सकीं। महिला सैनिक ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि विभाग में कार्यरत अन्य कर्मचारी भी इसी प्रकार के व्यवहार से परेशान हैं, लेकिन अधीनस्थ होने के कारण खुलकर सामने नहीं आ पाते।
मामले को गंभीर बताते हुए प्रार्थी ने संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल हटाने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। अधिकारी वर्ग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




