22 मौतों के बाद जागा प्रशासन, देवरी-चिचोली में नदी क्षेत्र में नहाने पर प्रतिबंध
ग्राम पंचायत देवरी और पंतोरा पुलिस चौकी की पहल, बांस-बल्ली से की गई बैरिकेडिंग; सूचना पटल लगाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक, आगे नो-एंट्री जोन और ‘नदी मित्र’ बनाने की तैयारी

22 मौतों के बाद जागा प्रशासन, देवरी-चिचोली में नदी क्षेत्र में नहाने पर प्रतिबंध
ग्राम पंचायत देवरी और पंतोरा पुलिस चौकी की पहल, बांस-बल्ली से की गई बैरिकेडिंग; सूचना पटल लगाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक, आगे नो-एंट्री जोन और ‘नदी मित्र’ बनाने की तैयारी
जांजगीर-चांपा। देवरी-चिचोली के हसदेव नदी पिकनिक स्पॉट पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए अब सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में पहल शुरू हो गई है। पिछले सात वर्षों में यहां नदी में डूबने से 22 लोगों की मौत होने के आंकड़े सामने आने के बाद ग्राम पंचायत देवरी और थाना चौकी पंतोरा ने ग्रामवासियों के सहयोग से नदी क्षेत्र में सुरक्षा के तत्काल उपाय किए हैं। मौके पर सूचना पटल लगाया गया है तथा बांस-बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। इसके माध्यम से नदी क्षेत्र में नहाने और घूमने पर प्रतिबंध की जानकारी लोगों को दी जा रही है।

हाल ही में देवरी-चिचोली में पिकनिक मनाने पहुंचे चौकसे कॉलेज बिलासपुर के तीन छात्रों की हसदेव नदी में डूबने से मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाई है। ताजा हादसे में एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों युवकों के शव बरामद किए थे। इसके बाद नदी क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
सूचना पटल लगाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक
ग्राम पंचायत देवरी और थाना चौकी पंतोरा की ओर से नदी क्षेत्र में सूचना पटल लगाया गया है। इसमें लोगों को नदी में जाने और नहाने से होने वाले संभावित खतरे के संबंध में जानकारी देते हुए प्रतिबंध की सूचना दी गई है। साथ ही नदी के संवेदनशील हिस्से में बांस-बल्ली लगाकर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है।
स्थानीय ग्रामवासियों ने भी इस पहल में सहयोग किया है। नदी क्षेत्र में आने वाले लोगों को मौके पर ही निर्धारित प्रतिबंधों की जानकारी देने और उन्हें पानी में नहीं जाने के लिए समझाइश देने का कार्य किया जा रहा है।
सात साल में 22 मौतों का आंकड़ा
देवरी-चिचोली के हसदेव नदी क्षेत्र में वर्षवार उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले सात वर्षों में पानी में डूबने से 22 लोगों की मौत हुई है। वर्ष 2020 में दो, 2021 में तीन, 2022 में दो, 2023 में तीन, 2024 में पांच, 2025 में चार और 2026 में अब तक तीन मौतें दर्ज बताई गई हैं।
वर्ष मौत
2020 2
2021 3
2022 2
2023 3
2024 5
2025 4
2026 3
——————-
कुल 22
——————-
इन आंकड़ों के बाद देवरी-चिचोली का हसदेव नदी क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है। खासकर पिकनिक और छुट्टियों के दौरान आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।
ताजा हादसे के बाद तत्काल कदम
सितंबर 2026 में चौकसे कॉलेज बिलासपुर के छात्र-छात्राओं का समूह देवरी-चिचोली पिकनिक मनाने पहुंचा था। हसदेव नदी में नहाने के दौरान तीन छात्र बह गए थे। सूचना के बाद पुलिस, नगर सेना और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। ड्रोन की मदद से भी तलाश की गई। बाद में तीनों छात्रों के शव बरामद किए गए।
इस घटना के बाद नदी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्राम पंचायत की ओर से तत्काल कदम उठाए गए हैं। नदी के संवेदनशील हिस्से में लोगों को जाने से रोकने के लिए बांस-बल्ली से अस्थायी बैरिकेडिंग की गई है।
नो-एंट्री जोन तय करने की तैयारी
लगातार हो रहे हादसों की रोकथाम को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने भी आगे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही है। उनके अनुसार जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मिलकर यह तय करेगी कि नदी के किस हिस्से तक लोगों को जाने की अनुमति होगी और उसके आगे के क्षेत्र को नो-एंट्री जोन के रूप में चिन्हित किया जाएगा।
संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग करने की भी योजना है, ताकि पिकनिक मनाने आने वाले लोग गहरे पानी और खतरनाक हिस्सों तक न पहुंच सकें।
स्थानीय युवाओं को बनाया जाएगा ‘नदी मित्र’
सुरक्षा व्यवस्था के तहत स्थानीय युवाओं को ‘नदी मित्र’ के रूप में जोड़ने की भी तैयारी है। इसके लिए आसपास के क्षेत्र के ऐसे युवाओं को चिन्हित किया जाएगा, जिन्हें तैराकी का अच्छा अनुभव है। पिकनिक सीजन और भीड़ वाले दिनों में ये युवा नदी क्षेत्र में लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य में सहयोग कर सकेंगे।
इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने और नदी के संवेदनशील हिस्सों में लोगों को जाने से रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ी पहल
देवरी-चिचोली में सूचना पटल लगाने और बांस-बल्ली से बैरिकेडिंग किए जाने को सुरक्षा की दिशा में प्रारंभिक कदम माना जा रहा है। अब प्रशासन और पुलिस की ओर से प्रस्तावित नो-एंट्री जोन, स्थायी बैरिकेडिंग और नदी मित्रों की व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है।
हसदेव नदी के इस पिकनिक स्थल पर पिछले वर्षों में हुई घटनाओं को देखते हुए लोगों से भी नदी के गहरे और संवेदनशील हिस्सों में नहीं जाने तथा मौके पर लगाए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
ताजा पहल से उम्मीद है कि देवरी-चिचोली में पिकनिक के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे भी सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया जाएगा और हसदेव नदी में होने वाले हादसों पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी।




