
बिजली दर वृद्धि और कटौती के विरोध में उग्र प्रदर्शन, बिजली कार्यालय घेराव के बाद मुख्यमंत्री का पुतला दहन
डबल इंजन सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप, जिला कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
जांजगीर-चांपा: प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बिजली दरों में वृद्धि और अघोषित बिजली कटौती के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा के नेतृत्व में बुधवार को केरा रोड स्थित बिजली कार्यालय का घेराव किया गया। इस दौरान सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया और विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां भेंट कीं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “महंगी बिजली नहीं चलेगी”, “जनविरोधी नीति नहीं चलेगी”, “डबल इंजन सरकार, जनता पर महंगाई की मार” जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम के पश्चात महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई।

नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में जिलेभर से पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया गया।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद आम जनता को महंगी बिजली का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बिजली दरों में लगभग साढ़े छह प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि के बाद अब बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी से आम जनता की परेशानी और बढ़ गई है।
नेताओं ने यह भी कहा कि बिजली आज आम जीवन की आवश्यक सेवा है, ऐसे में दरों में वृद्धि का सीधा प्रभाव गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी, छोटे व्यापारी और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।

कटौती से जनजीवन प्रभावित होने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कटौती के कारण किसानों को सिंचाई में दिक्कतें आ रही हैं, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और छोटे उद्योग-धंधों पर असर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की शिकायतें भी सामने आईं।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के अनुरूप सरकार से सस्ती बिजली और बेहतर सुविधाओं की अपेक्षा थी, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली दरों में वृद्धि वापस नहीं ली गई और अघोषित कटौती बंद नहीं की गई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ाया गया बिजली शुल्क तत्काल वापस लिया जाए।
प्रदेशभर में अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए।
किसानों को सिंचाई हेतु निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
गरीब, मजदूर, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इन नेताओं ने किया संबोधन
कार्यक्रम को कांग्रेस पदाधिकारियों रमेश पैगवार, विवेक सिंह सिसोदिया, भगवानदास गढ़वाल, अजीत सिंह राणा, गिरधारी यादव, रविंद्र शर्मा सहित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामविलास राठौर, सुनील साधवानी, गौरव सिंह, रविंद्र शर्मा, बबला महाराज एवं नवल सिंह, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पंकज शुक्ला ने संबोधित किया।
महिला कांग्रेस की ओर से ज्योति किशन कश्यप एवं मनोरमा पाटेकर ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रफीक सिद्दीकी ने किया तथा आभार प्रदर्शन कांग्रेस सेवा दल के जिला संगठक मंत्री देव कुमार पांडे ने किया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर पार्षदगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।




