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अब अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह मड़वा से सीधे रोशन होगी राजधानी रायपुर

400 केवी रायता उपकेंद्र से दलदलसिवनी तक 220 केवी डबल सर्किट लाइन चालू, रायपुर की करीब 40 प्रतिशत बिजली आपूर्ति सीधे मड़वा संयंत्र से संभव

अब अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह मड़वा से सीधे रोशन होगी राजधानी रायपुर

400 केवी रायता उपकेंद्र से दलदलसिवनी तक 220 केवी डबल सर्किट लाइन चालू, रायपुर की करीब 40 प्रतिशत बिजली आपूर्ति सीधे मड़वा संयंत्र से संभव

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 400 केवी रायता (धरसीवां) उपकेंद्र से रायपुर के दलदलसिवनी स्थित निर्माणाधीन 220 केवी उपकेंद्र तक लगभग 27 किलोमीटर लंबी 220 केवी अति उच्च दाब डबल सर्किट विद्युत लाइन को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। नई लाइन के शुरू होने के साथ ही राजधानी रायपुर का सप्लाई ग्रिड सीधे जांजगीर-चांपा जिले स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा से जुड़ गया है। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस विद्युत लाइन के माध्यम से राजधानी रायपुर की करीब 40 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति अब सीधे मड़वा ताप विद्युत गृह से की जा सकेगी। इससे राजधानी की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को नया विकल्प मिलने के साथ घरेलू, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वहीं कंपनी के चेयरमैन सुबोध कुमार सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे राजधानी रायपुर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

 

500 से 700 मेगावाट तक रहती है रायपुर में बिजली की मांग

अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा में 500-500 मेगावाट क्षमता की दो आधुनिक ताप विद्युत उत्पादन इकाइयां संचालित हैं। राजधानी रायपुर में सामान्यतः 500 से 700 मेगावाट तक विद्युत की मांग रहती है। नई 220 केवी लाइन के चालू होने से राजधानी की इस मांग की आपूर्ति सीधे मड़वा ताप विद्युत गृह से भी की जा सकेगी। नई व्यवस्था का लाभ घरेलू एवं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उरला, सिलतरा और मेटल पार्क स्थित औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा। इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ उच्च दाब विद्युत नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी।

 

कंप्यूटर पर क्लिक कर किया गया नई लाइन का सफल चार्जिंग कार्य

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने कंप्यूटर पर क्लिक कर रायता उपकेंद्र से नई लाइन का सफलतापूर्वक चार्जिंग कार्य संपन्न कराया। लगभग 27 किलोमीटर लंबी यह अति उच्च दाब विद्युत लाइन कुशल, सिलियारी, पथरी, टोर, बरबंदा, नेवरा, मटिया, दोंदेखुर्द, सेमरिया, गिरहोली, मांढ़र, गिरौद, बरौदा, टेकरी तथा उरकुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरती है।

दलदलसिवनी उपकेंद्र निर्माण के अंतिम चरण में

दलदलसिवनी के पूर्वी भाग में 2×160 एमवीए क्षमता के 220/132/33 केवी उपकेंद्र का निर्माण भी अंतिम चरण में है। इस उपकेंद्र के शीघ्र चालू होने से राजधानी रायपुर की उच्च दाब विद्युत अधोसंरचना और अधिक मजबूत होगी। कंपनी के अनुसार, इस नई व्यवस्था से लगभग 50 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। नई लाइन और दलदलसिवनी उपकेंद्र के माध्यम से रायपुर के विद्युत नेटवर्क को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी तथा भविष्य की बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर कंपनी के अधिकारी संजय पटेल, प्रसन्ना गोस्वामी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता आरके तिवारी, ईश्वर कंवर, अधीक्षण अभियंता वीए देशमुख, कार्यपालन अभियंता यूके यादव, सुधांशु त्रिपाठी और सुचिंद्र उइके सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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