दिव्यांगों की हड़ताल खत्म होने के कावड़िया के दावे का छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने किया खंडन
लोकेश कावड़िया के बयान पर संघ ने जताई कड़ी आपत्ति, प्रदेश अध्यक्ष संतोष टोंडे और उपाध्यक्ष दिलीप ने कहा—छह सूत्रीय मांगों पर समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा

दिव्यांगों की हड़ताल खत्म होने के कावड़िया के दावे का छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने किया खंडन
लोकेश कावड़िया के बयान पर संघ ने जताई कड़ी आपत्ति, प्रदेश अध्यक्ष संतोष टोंडे और उपाध्यक्ष दिलीप ने कहा – छह सूत्रीय मांगों पर समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा
रायपुर। दिव्यांगजनों की हड़ताल और छह सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के संबंध में छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया के उस कथित बयान पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें दिव्यांगों की हड़ताल समाप्त होने की बात कही गई है। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने इस दावे का स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए कहा है कि संघ की ओर से आंदोलन या हड़ताल समाप्त करने की कोई घोषणा नहीं की गई है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष टोंडे ने लोकेश कावड़िया के बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है और जब तक मांगों के संबंध में ठोस निर्णय एवं समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त होने की बात स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हड़ताल खत्म होने संबंधी बयान से दिव्यांगजनों और आंदोलन से जुड़े लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
संघ के उपाध्यक्ष दिलीप ने भी बयान का विरोध करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की मांगों और आंदोलन की वास्तविक स्थिति को जाने बिना हड़ताल समाप्त होने की जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है। संघ का कहना है कि आंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों और दिव्यांगजनों से चर्चा किए बिना इस प्रकार की घोषणा किए जाने पर संगठन आपत्ति दर्ज कराएगा।
संघ ने कहा-छह सूत्रीय मांगों की पूरी जानकारी कावड़िया को होनी चाहिए
छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लोकेश कावड़िया को दिव्यांगजनों की छह सूत्रीय मांगों और आंदोलन की वर्तमान स्थिति की समुचित जानकारी नहीं है। संघ ने कहा कि मांगों के संबंध में शासन स्तर पर चर्चा और समाधान की प्रक्रिया को लेकर संगठन अपनी बात लगातार रख रहा है। ऐसे में हड़ताल समाप्त होने का दावा किए जाने से आंदोलन के उद्देश्य और दिव्यांगजनों की मांगों को लेकर गलत संदेश गया है।
प्रदेश अध्यक्ष संतोष टोंडे ने कहा कि संगठन जल्द ही इस पूरे मामले में अपनी अगली रणनीति तय करेगा। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, दिव्यांगजनों के हितों और उनकी लंबित मांगों को लेकर संगठन किसी भी भ्रामक जानकारी का विरोध करेगा।
कावड़िया की राजनीतिक मंशा को लेकर भी संघ ने उठाए सवाल
संघ के कुछ पदाधिकारियों ने इस बयान के पीछे राजनीतिक मंशा होने की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि दिव्यांगजनों के आंदोलन और मांगों से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक बयान देने से पहले वास्तविक स्थिति की जानकारी लेना आवश्यक है। संगठन ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयानों के माध्यम से सुर्खियों में बने रहने अथवा राजनीतिक स्तर पर अपनी सक्रियता प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा सकता है। हालांकि, यह संघ की ओर से व्यक्त की गई आशंका है।
छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों की छह सूत्रीय मांगों के संबंध में संगठन की ओर से हड़ताल समाप्त करने की कोई अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष टोंडे और उपाध्यक्ष दिलीप ने कहा कि दिव्यांगजनों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन एकजुट है और आगे की रणनीति पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।




