CGKHABARNAMA की खबर का असर: अनियमितताओं पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, उप संचालक से छीना प्रभार
लगातार विवादों के बाद प्रशासन सख्त, अपर कलेक्टर को सौंपा समाज कल्याण का प्रभार

CGKHABARNAMA की खबर का असर: अनियमितताओं पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, उप संचालक से छीना प्रभार
लगातार विवादों के बाद प्रशासन सख्त, अपर कलेक्टर को सौंपा समाज कल्याण का प्रभार
फर्जी अवकाश, खरीदी विवाद के बीच कार्रवाई, अब आगे की जांच और निर्णय पर नजर
जांजगीर-चांपा। समाज कल्याण विभाग में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बीच आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। CGKHABARNAMA में प्रमुखता से प्रकाशित खबरों के बाद कलेक्टर जांजगीर-चांपा ने कार्रवाई करते हुए उप संचालक श्रीमती वर्षा मिहिर से प्रभार हटा दिया है।
10 जून 2026 को जारी कलेक्टर कार्यालय के आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि उप संचालक द्वारा विभागीय कार्यों के निष्पादन में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसी के मद्देनजर तत्काल प्रभाव से यह निर्णय लिया गया।

अपर कलेक्टर को सौंपा गया प्रभार
जारी आदेश के अनुसार समाज कल्याण विभाग का प्रभार (वित्तीय प्रभार सहित) डॉ. स्निग्धा तिवारी, अपर कलेक्टर, जांजगीर-चांपा को सौंपा गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। प्रशासनिक दृष्टि से इसे एक महत्वपूर्ण और त्वरित कदम माना जा रहा है, जिससे विभागीय कार्यों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया जा सके।
एक के बाद एक मामलों ने बढ़ाई थी गंभीरता
गौरतलब है कि हाल के दिनों में उप संचालक से जुड़े कई विवाद सामने आए थे, जिनमें 115 दिनों के कथित फर्जी अवकाश स्वीकृति का मामला, जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद भी कार्रवाई में देरी, 50 मोटराइज्ड ट्रायसायकल खरीदी में नियम उल्लंघन को लेकर कारण बताओ नोटिस। इन सभी घटनाक्रमों ने विभागीय कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला दिया था।
जांच जारी, आगे की कार्रवाई पर नजर
हालांकि प्रभार हटाने की कार्रवाई के साथ ही अब यह माना जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे और विभागीय कदम उठाए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पहले से चल रही जांच प्रक्रियाएं जारी रहेंगी, संबंधित मामलों में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में आगे कार्रवाई संभव है
प्रशासनिक सक्रियता के संकेत
इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासन की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है, जहां लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बाद अब ठोस कदम उठाए गए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चल रही जांचों का निष्कर्ष क्या आता है और संबंधित प्रकरणों में अंतिम निर्णय क्या लिया जाता है।
फिलहाल, कलेक्टर द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज कल्याण विभाग में प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।




