स्कूलों में बनेंगे 79 बालिका शौचालय, बेटियों की सुविधा को मिलेगी प्राथमिकता
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की तर्ज पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर, वीबी-जी राम जी योजना से मिली स्वीकृति

स्कूलों में बनेंगे 79 बालिका शौचालय, बेटियों की सुविधा को मिलेगी प्राथमिकता
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की तर्ज पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर, वीबी-जी राम जी योजना से मिली स्वीकृति
जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदेश में ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत के साथ बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए 79 बालिका शौचालय निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में स्वीकृत इन कार्यों की लागत 4.30 लाख रुपए प्रति शौचालय निर्धारित की गई है।
वीबी-जी राम जी योजना के तहत स्वीकृत इन कार्यों को विद्यालयों की आवश्यकता और बालिकाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर लिया गया है। शौचालयों के निर्माण से संबंधित विद्यालयों में छात्राओं को आवश्यक मूलभूत सुविधा उपलब्ध होगी और उनके लिए स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
आवश्यकता के अनुसार आगे भी होंगे कार्य
जिले में बालिकाओं की सुविधा से जुड़े कार्यों की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। आगामी दिनों में आवश्यकता के अनुसार शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों और मैदानी अमले द्वारा विद्यालयों की आवश्यकताओं का आकलन कर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर सुविधा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, जहां बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पृथक और उपयोगी शौचालय की सुविधा विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ छात्राओं की सुविधा के लिए भी आवश्यक है।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जिला प्रशासन द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बालिका शौचालय निर्माण के साथ योजना के तहत ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका सीधा लाभ विद्यार्थियों और ग्रामीण समुदाय को मिले।
अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, उपयोगिता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यकता के अनुसार नए कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
छात्राओं की सुविधा के लिए लगातार प्रयास
विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की सुविधा बालिकाओं की शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण आवश्यकता है। छात्राओं को विद्यालय में किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले में 79 बालिका शौचालयों की स्वीकृति इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आवश्यकता आधारित कार्यों की स्वीकृति और विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की प्रक्रिया आगामी दिनों में भी जारी रहेगी।



