
करही गोलीकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, “ऑपरेशन हंट” में पुलिस को बड़ी कामयाबी
मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल गिरफ्तार, हथियार बरामद, पहले ही 3 आरोपी भेजे जा चुके हैं न्यायिक रिमांड पर
TECHINT और HUMINT से खुला हत्या का राज
जांजगीर-चाम्पा| जिले के चर्चित करही गोलीकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल व मैगजीन भी बरामद की गई है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन हंट” के तहत यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी गनपत बघेल (38 वर्ष), निवासी ग्राम करही, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चाम्पा को मुखबिर की सूचना पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उसे 27 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
घटना का विवरण
23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना में मृतक के छोटे भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया।

जांच में जुटे पुख्ता साक्ष्य
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्य (TECHINT) और मानवीय खुफिया जानकारी (HUMINT) के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। साइबर और आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही, जिससे मामले के खुलासे में अहम सफलता मिली।
हत्या के पीछे का कारण
जांच में सामने आया कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच उधारी के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। साथ ही आयुष की बढ़ती आर्थिक स्थिति, प्रभाव और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते आरोपियों में जलन और द्वेष की भावना उत्पन्न हो गई थी।
पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने बताया कि प्रतिस्पर्धा के कारण वे स्वयं को आर्थिक रूप से नुकसान में महसूस कर रहे थे, जिससे प्रतिशोध की भावना में हत्या की साजिश रची गई।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
घटना की रात आरोपी पहले से ही मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। उनके साथियों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, जिसके बाद आरोपी घर में घुसे। उन्होंने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने आए छोटे भाई को भी गोली मार दी गई। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
अवैध रेत कारोबार से जुड़ा था विवाद
मुख्य आरोपी गनपत बघेल ने पूछताछ में बताया कि उसने हाईवा और जेसीबी मशीन लोन पर खरीदी थी और किस्त चुकाने के लिए अवैध रेत परिवहन करता था। मृतक आयुष कश्यप भी इसी व्यवसाय में था और कम कीमत में रेत बेचकर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।
आरोपी के अनुसार, आयुष द्वारा ग्राहकी प्रभावित होने, वाहनों की किस्त चुकाने में कठिनाई और प्रशासनिक कार्रवाई की आशंका के कारण वह मानसिक रूप से तनावग्रस्त हो गया था। इसी के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी
प्रकरण में पूर्व में ही हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन (सभी निवासी करही) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




