मनरेगा कार्य में अनियमितता का आरोप, बिना सूचना बोर्ड और रोजगार सहायिका के कराए जा रहे काम
नवा तालाब निर्माण में जेसीबी के उपयोग और अवैध वसूली की आशंका, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

मनरेगा कार्य में अनियमितता का आरोप, बिना सूचना बोर्ड और रोजगार सहायिका के कराए जा रहे काम
नवा तालाब निर्माण में जेसीबी के उपयोग और अवैध वसूली की आशंका, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
जांजगीर-चाम्पा। अकलतरा विकासखंड के ग्राम पंचायत साजपाली में इन दिनों मनरेगा कार्य को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। गांव के शिकायतकर्ता देवा भारद्वाज सहित अन्य ग्रामीणों ने पंचायत में संचालित नवा तालाब निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, मनरेगा के तहत चल रहे कार्य में आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि कार्यस्थल पर न तो सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही रोजगार सहायिका की उपस्थिति में काम कराया जा रहा है। इससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि तालाब निर्माण में जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जो मनरेगा के नियमों के विरुद्ध है। साथ ही, ट्रैक्टर चालकों से मिट्टी परिवहन के एवज में प्रति ट्रिप राशि लिए जाने की भी बात सामने आई है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के किनारे लगे पेड़-पौधों को भी काट दिया गया है, जिससे पर्यावरणीय क्षति की आशंका व्यक्त की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय भी मशीनों के माध्यम से मिट्टी का परिवहन किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाए, तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।




