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आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों से लैस होगी जांजगीर-चांपा पुलिस

आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों से लैस होगी जांजगीर-चांपा पुलिस

फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण से मजबूत होगी अपराध विवेचना, विशेषज्ञों ने दिया व्यवहारिक मार्गदर्शन

NAFIS, MCU एवं मिनी डेवलपिंग किट के उपयोग से घटनास्थल पर साक्ष्य पहचान में आएगी तेजी

 

जांजगीर-चांपा। अपराधों की वैज्ञानिक एवं प्रभावी विवेचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ श्रीमती विद्या जौहर ने जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट, NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) तथा MCU के उपयोग संबंधी व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान घटनास्थल पर छिपे साक्ष्यों की पहचान, संग्रहण एवं संरक्षण की वैज्ञानिक विधियों को विस्तार से समझाया गया।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों से आए उप निरीक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञ द्वारा बताया गया कि फिंगरप्रिंट साक्ष्य अपराधियों की पहचान स्थापित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और न्यायालय में सशक्त साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। NAFIS प्रणाली के माध्यम से देशभर के डाटाबेस से त्वरित पहचान संभव है, जिससे जांच प्रक्रिया में तेजी आती है।

कार्यक्रम में मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया, जिसके माध्यम से घटनास्थल पर छिपे हुए फिंगरप्रिंट को विकसित करने की तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझाया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि वर्तमान समय में अपराध विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस बल की कार्यकुशलता में वृद्धि करते हैं और अपराधों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण में सहायक सिद्ध होते हैं।

जिला पुलिस जांजगीर-चांपा द्वारा आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों को अपनाते हुए अपराध नियंत्रण एवं विवेचना को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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