उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर शिकंजा, 12 प्रतिष्ठानों को नोटिस, एक पर बिक्री प्रतिबंध
जिलेभर में औचक निरीक्षण अभियान तेज, किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने पर जोर

उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर शिकंजा, 12 प्रतिष्ठानों को नोटिस, एक पर बिक्री प्रतिबंध
जिलेभर में औचक निरीक्षण अभियान तेज, किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने पर जोर
जांजगीर-चांपा। जिले में उर्वरक एवं बीज वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में विकासखंड स्तरीय निरीक्षक दल द्वारा जिलेभर में व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।

निरीक्षण दल ने 27 मई को 28 उर्वरक प्रतिष्ठानों और 14 बीज विक्रेताओं के परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान भंडारण और वितरण में अनियमितताएं पाए जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत 9 उर्वरक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं बीज अधिनियम 1966 एवं बीज नियम 1968 के अंतर्गत 3 बीज विक्रेताओं को भी नोटिस थमाया गया।
कार्रवाई के क्रम में नवागढ़ विकासखंड के पेंड्री स्थित मेसर्स रोहित कृषि केंद्र पर 49 क्विंटल बीज के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है।
खाद-बीज की उपलब्धता पर प्रशासन का दावा
कृषि विभाग के अनुसार जिले में किसानों के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। बीज की कुल मांग 19,150 क्विंटल के विरुद्ध अब तक 15,639 क्विंटल का भंडारण किया जा चुका है, जिसमें से 4,590 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है।
इसी प्रकार उर्वरक वितरण के लिए निर्धारित 65,330 मैट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 28,464 मैट्रिक टन उर्वरक का भंडारण सहकारी समितियों और निजी प्रतिष्ठानों में किया गया है। इनमें से 11,787 मैट्रिक टन उर्वरक किसानों द्वारा अग्रिम रूप से उठाया जा चुका है।
निरंतर निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए जिले के सभी सहकारी एवं निजी विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा।
विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।




