स्रोत प्रमाण पत्र, स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में अनियमितता मिलने पर कृषि विभाग की कार्रवाई
स्रोत प्रमाण पत्र के नवीनीकरण से लेकर स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में मिली खामियां, पैराकाट मिलने पर दो केंद्रों पर सीलबंदी; सात कंपनियों की 40 किलो-लीटर दवाओं के विक्रय पर रोक

स्रोत प्रमाण पत्र, स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में अनियमितता मिलने पर कृषि विभाग की कार्रवाई
स्रोत प्रमाण पत्र के नवीनीकरण से लेकर स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में मिली खामियां, पैराकाट मिलने पर दो केंद्रों पर सीलबंदी; सात कंपनियों की 40 किलो-लीटर दवाओं के विक्रय पर रोक
जांजगीर-चांपा, 23 अगस्त। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने और कीटनाशक विक्रय में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। उप संचालक कृषि, जिला जांजगीर-चांपा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तरीय संयुक्त दल ने 21 अगस्त 2026 को जिले के कई निजी कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर दो कीटनाशक दुकानों को सीलबंद किया गया, एक कृषि केंद्र में कीटनाशक दवाओं के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया, वहीं पांच निजी कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

निरीक्षण दल ने ग्राम झरना, विकासखंड बम्हनीडीह स्थित मेसर्स प्रकाश कृषि केंद्र तथा ग्राम पौना, विकासखंड अकलतरा स्थित मेसर्स ओम प्रकाश कृषि केंद्र में कीटनाशक विक्रय से संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान कीटनाशक लाइसेंस में स्रोत प्रमाण पत्र का नवीनीकरण नहीं कराया जाना पाया गया। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर का संधारण, मूल्य सूची का चस्पा किया जाना तथा किसानों को कीटनाशक विक्रय की सत्यापित बिल बुक उपलब्ध कराने में भी अनियमितताएं मिलीं। निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित कीटनाशक पैराकाट पाए जाने पर दोनों कृषि केंद्रों के विरुद्ध सीलबंद करने की कार्रवाई की गई।
इसी प्रकार, कमरीद स्थित मेसर्स गुप्ता कृषि केंद्र में कीटनाशक अनुज्ञप्ति के तहत बिना स्रोत प्रमाण पत्र के कीटनाशक दवाओं का विक्रय किया जाना पाया गया। इस पर विभाग ने सात कंपनियों के कुल 40 किलोग्राम एवं 40 लीटर कीटनाशक दवाओं के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की है।

निरीक्षण अभियान के दौरान अन्य पांच निजी कृषि केंद्रों में भी कीटनाशक दवाओं के विक्रय में विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग द्वारा उनसे निर्धारित नियमों के तहत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उप संचालक कृषि ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को उच्च गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप कीटनाशक उपलब्ध कराना आवश्यक है। नियमों का पालन नहीं करने वाले कीटनाशक विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी निजी कृषि केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है।
कृषि विभाग ने कहा है कि बिना लाइसेंस के कीटनाशकों का विक्रय, लाइसेंसधारियों द्वारा स्रोत प्रमाण पत्र का नवीनीकरण कराए बिना कीटनाशक बेचना तथा कीटनाशक नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।




